🙏 नमस्कार प्रियजनों एव ह्रदय अज़ीज़ श्रुताओं,

मेरे द्वारा लिखित, मेरी प्रथम प्रकाशित मेरी हिंदी कविताओं की पुस्तक ^एहसास^ जिसका केंद्र बिंदु हमारे सभ्य समाज से मानवता एव समाजिकता के महत्वपूर्ण भावों के प्रति आज के सभ्य समाज के कठोर होते भाव व्यवहारों पर अपनी कविताओं के माध्यम से एक प्रहार की कोशिश मात्र है।

मेरी इस पुस्तक को पढ़ने वाले समस्त ज्ञानी एव जनसाधारण महानुभवों ने मेरे इस साधारण से प्रयास एव मेरे उन गम्भीर विषयो को जिन्हें अपनी कविताओं एव काव्य किस्सों के द्वारा अपनी इस पुस्तक ^एहसास^ के माध्यम से आप सभी प्रियजनों तक पहुचाने का एक प्रयास किया, अपने ह्रदय से सराहना करि।

जिस समय (जनवरी 2016 विश्व पुस्तक मेला दिल्ली)) मेरी यह पुस्तक एहसास प्रकाशित हुई थी। उस समय मुझ को 200 से 250 कापी मेरी इस प्रथम प्रकाशित पुस्तक एहसास के प्रकाशक *संयोग प्रकाशन घर* शहादरा द्वारा प्राप्त हुई थी। जिसको मैंने अपने समस्त जानकर काव्य प्रेमियोँ एव परिचितों को वितरण करना प्रारम्भ कर दिया था। तदुपरांत आज मात्र यही कुछ कॉपी शेष रह गई है। आज मैं उन सभी प्रियजनों का अपने ह्रदय से आभार व्यक्त करता हु जिन्होंने मेरी इस पुस्तक ^एहसास^ के उन एहसासों को अपने ह्रदय से महसूस करते हुए समझा एव पाठन किया एव मेरे उन अति संवेदनशील विषयों की वास्तव में सराहना करते हुए मुझ को कुछ हौसला प्रदान किया।

धन्यवाद।

विक्रांत राजलीवाल

(09/02/2019 at 12:27

pm)

पुस्तक: एहसास

प्रकाशन : संयोग प्रकाशन घर शहादरा द्वारा

लेखक एव कवि: विक्रांत राजलीवाल (स्वतन्त्र लेखक)

शिक्षा: स्नातक (दिल्ली विश्वविद्यालय)

ब्लॉग साइट: vikrantrajliwal.com (सेकड़ो नज़्म, कविताए एक गीत, व्यंग्य किस्सों के साथ बहुत से सामाजिक, आध्यात्मिक एव मनोवैज्ञानिक लेख लिख कर प्रकाशित कर चुके है)

यूट्यूब चैनल: Kavi Vikrant Rajliwal

यूआरएल पता: https://www.youtube.com/channel/UCs02SBNIYobdmY6Jeq0n73A

यूट्यूब चैनल: Fitness & Health Vikrant Rajliwal

यूआरएल पता:
https://www.youtube.com/channel/UCENUJ6Atpi8-Nzc6NJ1USMA

निवास स्थान: दिल्ली।

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