Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतंत्र लेखक-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।-स्वतंत्र लेखक-

Feb 17, 2019
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

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😠 बस! अब और नही।

जिन ग़द्दारों ने कश्मीर पर हमला कर के हमारे वीर सपूतों को, हमारे देशभक्त जवानों को शहीद कर दिया। वह कश्मीरी तो क्या इंसान कहलाने के भी लायक नही है। पाकिस्तान द्वारा संरक्षित जैश ए महामद के गुनाहों की सजा हम किसी भी बेगुनाह को कदापि नही देंगे। परन्तु जो उन देशद्रोहियों आतंकियो का समर्थन करते हुए हमारे शहीद विरो की शहादत पर अपनी तुच्छ एव घिनोनी सोच का घिनोना परिचय देते हुए हमारे उन देशभक्त विरो की शहादत को धितकार देते है तो आम जनमानस की देश भक्ति से प्रेरित मासूम भावनाए सहज ही भड़क उठती है।

इसीलिए मैं उन समस्त आतंकियो के समर्थकों जिन्हें कुछ व्यक्ति मासूम एव नादान कह कर उनके नापाक हौसलों को और भी मजबूत कर रहे है कहना चाहूंगा कि अगर आपमें अब इंसानियत नाम के कोई भी एक भाव व्यवहार शेष नही भच सके है तो कृप्या भारत के देशभक्तों की देशभक्ति को ललकारने का कोई भी एक नकारात्मक प्रयास न करे। अन्यथा न तो आपको पाकिस्तान और न ही अपने देश मे कोई भी सम्मान का एक भाव व्यवहार मिल पाएगा।

😠 बस! बस अब और नही। हां बहुत हो चुका देश के शहीदों की शहादत पर मख़ौल। शायद अब भारतवर्ष आपके ज़ाहिल पन को और बर्दाश न कर सके। आगे आप स्वम् समझदार है…

जय हिंद।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

17/02/2019 at 14:12 pm

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