नमस्कार प्रिय पाठको एव ह्रदय अज़ीज़ श्रुताओं,

अक्सर कुछ व्यक्ति मुझ से संदेशक एव e mails के द्वारा मेरा परिचय पूछते है तो उन सभी महानुभवों समेत अपने समस्त चाहने वालो के लिए मैं पुनः अपना एक लघु परिचय यहाँ उपलब्ध करवा रहा हु।

मित्रों मैं एक स्वतंत्र लेखक, कवि, शायर एव कहानीकार-नाटककार हु। मेरी प्रथम पुस्तक एहसास जिसका केंद्र बिंदु हमारे सभ्य समाज से मानवता एव समाजिकता के कठोर होते भाव व्यवहारों पर अपनी काव्य कविताओं के द्वारा एक कठोर प्रहार का प्रयास मात्र है। जिसका प्रकाशन संयोग प्रकाशन घर शहादरा द्वारा किया गया है।
एव ए-वन प्रिंटर्स द्वारा मुद्रित है। प्रकाशित समय जनवरी 2016 दिल्ली विश्वपुस्तक मेला

इसके साथ ही आप मेरी और आपकी अपनी इस ब्लॉग साइट vikrantrajliwal.com पर बीते 2 वर्ष के दौरान मेरे द्वारा लिखित मेरी सैकडो दर्द भरी नज़्म, काव्य कविताए ,गीत, ग़ज़ल, व्यंग्य, किस्से, विचारों के साथ बहुत से सामाजिक, आध्यात्मिक एव मनोवैज्ञानिक लघु एव विस्तृत लेखों का पाठन कर सकते है। जिन्हें समय समय पर पुनः प्रकाशित किया जाएगा एव उसके साथ ही उनका YouTube live विडियो लिंक भी अवश्य अंकित किया जाएगा।

एव जल्द ही आपको आपकी एव मेरी इस ब्लॉग साइट एव मेरे काव्य नज़्म के live प्रसारण के मेरे और आपके अपने YouTube चैनल Kavi Vikrant Rajliwal पर मेरी उन अप्रकाशित बेहद विस्तृत दर्दभरी नज़्म दस्तनो के पाठन एव स्वम् मेरे स्वरों के साथ उन भाव एहसासों को सुनने एव समझने का आनन्द एक लुफ्त अवश्य प्राप्त कर सकेंगे, जिन्हें प्रथम बार मैं अपनी इस ब्लॉग साइट vikrantrajliwal.com पर प्रकाशित करने जा रहा हु।

जल्द ही मैं अपनी प्रथम अति विस्तृत नज़्म दास्ताँ (जो अपने आप मे एक संपूर्ण कहानी है)

एक इंतज़ार… महोबत।

एक दर्दभरी नज़्म दास्ताँ को प्रकाशित करूँगा। एक उसके कुछ समय के उपरांत ही आप मेरी उस दर्दभरी दास्ताँ को मेरे YouTube चैनल Kavi Vikrant Rajliwal ( https://www.youtube.com/channel/UCs02SBNIYobdmY6Jeq0n73A) पर स्वम् मेरे स्वरों के साथ सुनने उन भावो को उन एहसासों को सुन एव समझ भी पाएंगे।

धन्यवाद।

विक्रांत राजलीवाल।

प्रकाशित पुस्तक: एहसास

संप्रति : स्वतंत्र लेखन।

संयोग प्रकाशन घर द्वारा प्रकाशित: एच-47, वेस्ट

ज्योति नगर, शहादरा, दिल्ली -110094

फोन न.- 9711261550

ए-वन प्रिंटर्स द्वारा मुद्रित। प्रथम संस्करण-2016

मूल्य : ₹250.00

ब्लॉग साइट: vikrantrajliwal.com

2016-17 से अब तक सेकड़ो नज़्म, काव्य,

कविताए, गीत, ग़ज़ल, व्यंग्य, किस्से, कुछ लघु

नाटक, विचार एव बहुत से सामाजिक आध्यात्मिक

एव मनोवैज्ञानिक लघु एव विस्तृत लेख लिख कर

प्रकाशित कर चुके है।

जल्द ही आ रहा हु अपनी उन अप्रकाशित अति विस्तृत दर्दभरी नज़्म दस्तानों में से एक प्रथम दास्ताँ एक इंतज़ार… महोबत के साथ। जो निच्छित ही आपका ह्रदय चिर कर रख देगी।

vikrantrajliwal.com के द्वारा प्रकाशित करि जाएगी। एव मेरे Youtube चैनल Kavi Vikrant Rajliwal पर स्वम् मेरे स्वरों के साथ सुनने का आनन्द एक लुफ्त भी अवश्य प्राप्त कर पाएंगे।

24/03/2019 at 9:40 amLogopit_1553399635703IMG_20190323_202741_111Logopit_1552482257836Logopit_1552574725770

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