Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's

Poetry, Shayari, Gazal, Satire, drama & Articles Written by Vikrant Rajliwal

April 3, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

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🌹 दास्ताँ

💗 एक इंतज़ार… महोबत।

मेरी आगामी अति विस्तृत दर्दभरी नज़्म श्रंखला के अंतर्गत मेरी प्रथम दर्दभरी नज़्म दास्ताँ एक इंतज़ार… महोबत। एक ऐसी दर्दभरी महोबत की दास्ताँ है जो यक़ीनन आपके ह्रदय पर अपने दर्द की पीड़ा से दस्तक़ देगी।
और जिसका प्रत्येक शेर एव कलाम आपके धड़कते दिल को बेहिंतिया धड़कातें हुए आपकी हर धड़कती धड़कन से चिर कर रख देगा।

एक जिसका आगाज़ एव अंजाम शायद आप जीवन भर ना भूल सके। एव इस दर्दभरी रचना के माध्यम द्वारा मैने आज की युवा पीड़ी और आने वाली समस्त पीढ़ियों को एक ह्रदय स्पर्शी संदेश देने का एक प्रयत्न किया है। अगर आप वहाँ तक पहुच सके तो मैं स्वम् को अत्यंत ही भाग्यशाली समझूंगा।

अंत मे मैं आपका अपना मित्र विक्रांत राजलीवाल इतना ही कहना चाहूंगा कि मेरी या अब यह कहना अधिक उचित होगा कि आपकी अपनी इस दर्दभरी महोबत की दास्तां के प्रकाशन का कार्य प्रगति पर है जिसे समस्त प्रक्रियाओं से गुजरने के उपरांत अवश्य प्रकाशित कर दिया जाएगा। जिससे आप सभी ह्रदय अज़ीज़ इस अतिविस्तृत दर्दभरी नज़्म दास्ताँ के पाठन का एक आनन्द प्राप्त कर सके।

शुक्रिया।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
03/04/2019 at 8:35 amLogopit_1554260488170

(यहाँ आपसे अपनी इस आगामी दर्दभरी अति विस्तृत दर्दभरी नज़्म दास्ताँ की श्रंखला दास्ताँ के फ़ेसबुक पृष्ठ दास्ताँ विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित का link सांझा कर रहा हु। जिसके द्वारा आप फेसबुक से भी मेरी आगामी नज़्म श्रंखला का आनन्द प्राप्त कर सकते है।

Link नीचे अंकित है

https://www.facebook.com/poetvikrantrajliwal/ )

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