Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's

Poetry, Shayari, Gazal, Satire, drama & Articles Written by Vikrant Rajliwal

June 2, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

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ट्वीट्स। My Twittes (एक लघु संग्रह )

✍️ यह एक लघु संग्रह है बीते कुछ दिनों में मेरे मैन ट्विटर अकाउंट और बैकअप ट्विटर अकाउंट के कुछ दिल को छू देने वाले ट्वीट्स के। 1) @vikrantrajliwal 2) @RajliwalVikrant 3rd one है @VRajliwala

This is a short collection of my main Twitter Twitter accounts and some of my backup Twitter Twitter accounts that touched your heart. 1) @vikrantrajliwal 2) @RajliwalVikrant is 3rd one @VRajliwala

केवल आनन्द एव कटाक्ष के दृष्टिकोण से पाठन कीजिएगा। एव यदि कोई ज्ञान वर्धक पन्तिया पाठन हेतु प्राप्त हो जाए तो उनको लिखने के वास्तविक कारण तक पहुचने का प्रयास कीजिए।

Only read from the point of view of joy and sarcasm. And if any knowledge-seeker is available for reading, then try to reach the real cause of writing them.

👉 😇 कोई अपने धर्म मे है मलंग, तो कोई अपनी जात के सम्प्रदाय में है मलंग।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
25 may 2019 @VRajliwala
(Translated)

👉 😇 Someone in his religion is Malang, then someone is in the caste of his caste Malang.

Written by Vikrant Rajliwal

🤠 आप किसी के गुण देखने से पूर्व उसके धर्म एव जात को क्यों देखते है? क्या किसी व्यक्ति के गुण उसके धर्म या जात से मिट सकते? यदि नही तो आपको अपने व्यवहारों एव विकारो का पुनः एक बार आंकलन करने की गहन आवश्यता है।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
25may @VRajliwala
@vikrantrajliwal @RajliwalVikrant

Translated

🤠 Why do you see his religion and caste before seeing someone’s qualities? Can a person’s qualities be erased from his religion or caste? If not, then you need a deeper assessment of your behaviors and disorders once again.

Written by Vikrant Rajliwal

💥 सुप्रभात।

जीवन का दूसरा नाम संघर्ष ही है। जीवन के हर क्षण एक नया इम्तिहां समक्ष होता है और उसके लिए स्वम् को सशक्त करना ही जीवन है।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। https://t.co/eCeNEb4m6J https://t.co/PfdoW0vLN0

25may @RajliwalVikrant
💥 Good Morning.

The second name of life is conflict only. Every moment of life is present in a new era and for him, empowering the Self is life.
Written by Vikrant Rajliwal (Translation by Vikrant Rajliwal) https://t.co/gcA0Lficr9 https://t.co/MvZPLIVUKK
25May @RajliwalVikrant

😇 आप को आपके अधिकारों के ज्ञान का ज्ञान होने से बढ़कर कोई ज्ञान नही।

यह आपका धर्म है कि आपके अधिकारों का ज्ञान आपको होना।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
25May @VRajliwala
@RajliwalVikrant @vikrantrajliwal

Translated

😇 You do not have any other knowledge than knowing knowledge of your rights.

It is your religion that you have knowledge of your rights.

Written by Vikrant Rajliwal
@RajliwalVikrant @vikrantrajliwal
25may VRajliwala

💥 मानुष को तुमने कभी मानुष ना समझा, भूल कर धर्म मनुष्यता का तुमने कभी भी धर्म मनुष्यता का नही समझा।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

@RajliwalVikrant @vikrantrajliwal
Translated by Vikrant Rajliwala (विक्रांत राजलीवाल)

💥 You never thought of a Human as a human. You have never understood religion as a human.

Written by Vikrant Rajliwal
@RajliwalVikrant @vikrantrajliwal

👉 जब मानुष स्वम् के धर्म या सम्प्रदाय के रिवाजो और कुप्रथाओं के विरुद्ध आवाज उठाने से भयभीत हो जाते है।

तब मानुष दुसरो के धर्म एव समप्रदाय पर कलंक लगाने लगते है और स्वम् की कमियॉ नज़रंदाज़ कर अपने धर्म की कुप्रथाओं को ईष्वर का आदेश एव अन्य जनो के धर्म रिवाजों को यह क्या बकवास है ( व्हाट दा हैल इस डिस ) कहने लगते है।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
26may@VRajliwala
@RajliwalVikrant @vikrantrajliwal

Translated by Vikrant Rajliwala

👉 When the man becomes frightened by raising his voice against the rituals and practices of his religion or community.

  Then the men start to blame others’ religion and community and ignore their own weeknesses , by ordering the laws of their religion and the rituals of other people what is this nonsense. (What the hell is this this)?

  Written by Vikrant Rajliwal
  @RajliwalVikrant @vikrantrajliwal

26may @VRajliwala

🕊️ जिनकी कलम ही उनका धर्म है और हर अक्षर एक एहसास।
करता हु प्रणाम तुम्हे तुम हो संघर्ष की जिंदा एक मिसाल।।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। (Vikrant Rajliwala) ✍️
@RajliwalVikrant @vikrantrajliwal https://t.co/P1LniB0vmv

👹 एक धर्म स्वार्थ का सब पर भारी, स्वार्थ स्वार्थ से निखरे साथ साथ जितने भी जो स्वार्थी।

कर हत्या विशवास कि है चूर घमंड से धर्म सत्य का त्याग, क्रूर जितने भी जो स्वार्थी।।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
@RajliwalVikrant @vikrantrajliwal

😋 सोशल साइड्स।

😎 छुप छुप कर देखना और उस देखे हुए का रिकार्ड को गर्व से बताना भी एक धर्म बन गया है।

कभी जो मिलते थे सीना थोक कर आज छुप छुप कर व्यू से उपस्थिति दर्द कर जाते है।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। https://t.co/2W9cwjgp3O

😋 Social Sides. (Translated)

😎 Hiding and hiding the record of that seen with pride proudly became a religion.

Ever wanted to meet you occasionally. Today, the same person hides his sight from the view of the hidden person.

Written by Vikrant Rajliwal https://t.co/ZDLHHpWXVy

😇 यह एक आशीर्वाद है एक दुआ है मेरे स्वम् के मासूम बच्चों समेत हर एक मासूम बच्चों के लिए।

ईष्वर तुम्हे हर बुराईयों से सुरक्षित रखे। और मेरी उम्र भी तुम्हे मिल जाए।

🕊️ चलो तो ऐसे चलना की देख कर तुम्हारे व्यक्त्वि की चमक ज़माना भी ठहर जाए। झुक जाए हर मंजिल कदमो में तुम्हारे, आसमां भी झुक कर करे नमन।

जीते रहो।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

Published on blog site 02/06/2019 at 07:25am

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