🕯️ अपने दिव्य व्यक्त्वि के विपरीत किया गया हर समझौता स्वयं आपको आपकी प्रत्येक उपलब्धियों को नकारते हुए आपकी अंतरात्मा में एक आत्मग्लानि की भावना सहज ही उतपन कर देगा।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

🕯️ Every compromise made against your divine person, by denying you every one of your achievements, will instill a feeling of self-ignorance in your conscience.

Written by Vikrant Rajliwal.

🕯️ यदि आप अपने मानव जीवन में एक अलौकिक आत्मशांति के साथ सकूँ से जीवन व्यतीत करना चाहते है तो केवल सभ्य साहित्य का ही पाठन करें। यहाँ सभ्य साहित्य से मेरा तातपर्य है कि जिस साहित्य के पाठन के उपरांत आपके चंचल चित्त परवर्ती में किसी के लिए किंचित मात्र भी द्वेष या मलिन भाव व्यवहारों के लिए कोई भी स्थान शेष ना रहें।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

🕯️ If you want to live with a supernatural self-peace in your human life, then only read decent literature. I mean here with decent literature that after reading the literature, in your fickle mind, there is no room left for anyone for even a little bit of malice or sloppy behavior.

Written by Vikrant Rajliwal.

31/08/2019 at 8:45 am
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