यदि कोई मुझ से पूछता है कि आपका कविताओं से एक निकटतम परिचय कब और कैसे हुआ? तो मैं उनसे कहता हूं कि कविताओं से एक निकटतम परिचय प्राप्त करने का एक दिव्य अवसर मुझकों छटी कक्षा के दौरान ही प्राप्त हो पाया था। जब हमारी हिंदी की एक अध्यापिका जिनका नाम तो मुझ को भली प्रकार से स्मरण नही है परन्तु वह कक्षा के प्रत्येक विद्यार्थियों से हिंदी की कविताओं को कंठस्थ करवा कर, पर्त्येक कक्षा के दौरान काव्य पाठ करवाती थी।

आज मैं उन्हें शत शत बार नमन करता हु। जिनकी शिक्षा एवं अनुशासन को आज भी मैं उसी प्रकार से अपने तुच्छ से जीवन मे ढालने का एक प्रयास करता हु।

आपका मित्र विक्रांत राजलीवाल।

7 नवम्बर वर्ष 2019 समय प्रातः 7:05 बजे।

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