आओ बच्चों , प्यारे बच्चों, नन्हे नन्हे दुलारे बच्चों।
सुबह सुबह शौच को तुम जाओ, जीवन मे अपने स्वास्थ्य दिनचर्या को अपनाओ।

सैर सुबह और सांझ करें, कसरत की शैली अपनाए। ज8वन में संगीत कोउ सुहावना हम गाए।

माता और पिता का करें सत्कार, संस्कारी जीवन हो उद्देश्य महान।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

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