रहे आबाद ये दुनिया। (ग़ज़ल)

रहे महफूज़ ये दुनिया, घरों में रोक लो दुनिया, बचा लो खुद को क्रोना से, रहे आबाद ये दुनिया। घिर आई घटा है जो, जहरीली जहरीली, दम घोट देगी वो, धड़कने रोक देगी वो, हो कर दूर दुनिया से, बचा लो ये दुनिया।। वो खुली हवा, वो आज़ादी, जल्द ही लौट आएगी, देखना एक रोज़ … Continue reading रहे आबाद ये दुनिया। (ग़ज़ल)