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💥 एक एहसास! सत्य से प्रेरित है जो। (विक्रांत राजलीवाल) ✍️

अक्सर कई बार कई चिरपरिचित एवं अलग अलग व्यक्तित्व के व्यक्ति अक्सर मुझ से पूछते है कि विक्रांत राजलीवाल जी आप अभी कुछ समय पूर्व तक अनपढ़ 2008 तक(10th pass) की श्रेणी में थे। और आपको 2004 मे लगभग 19 महीने तक पुनर्वासकेन्द्र (रिएबीटेशन सेंटर) में रहना पड़ा था! यहाँ वर्ष की वास्तविक स्थिति का मुझे आज भी पूर्णतः ज्ञात नही है क्योंकि आज भी आपको नशे के कारण जिन मानसिक स्थितियों से सामना करना पड़ा था; उसकी वजह से आज भी आपको कुछ कुछ विषय पूर्णता स्मरण नहो हो पाते। यहाँ तक मुझ को ज्ञात या स्मरण है वह वर्ष  2004 है परंतु मेरे गुरुजन मुझ को आज भी वर्ष 2003 का स्मरण दिलाने की बात करते है।
खैर जो भी हो…

आपको 2004 से 2005 तक मानसिक चिकित्सालय शाहदरा भी ले जाया जाता था। सैकेर्टिस्ट के साथ विचारविमर्श करने को। इसी दौरान आपने एक साल के कम्प्यूटर कोर्स के साथ ही एक हिंदी एवं अंग्रेजी तंकन एवं कुछ 10 महीने तक हिंदी की आशुलिपि का कोर्स भी किया/सीखा। एवं आप आगे शिक्षा प्राप्त करने का अवसर भी प्राप्त करने की कोशिश में सक्रिय थे। ऐसे में दिसम्बर 2007 में आपका विवाह  भी सम्पन कर दिया गया। इन सब के बाबजूद जब आपको आगे शिक्षा प्राप्त करने का अवसर भी प्राप्त हुआ; वो भी शादी के उपरांत तो आप देखते ही देखते पढ़ लिख गए; 2009 में 12th इंदिरागांधी ओपन यूनिवर्सिटी से और 2013 में  दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक पास कर के डिग्री प्राप्त करि। अपने असिस्टेंट कमांडेंट से लेकर आईएएस तक परीक्षाओं का सामना किया।

अपने एक अति संवेदनशील समाजिक मुदो पर अपने प्रथम प्रयास से अपनी समाजिक एवं मानवता की भावनाओ से पूर्ण कविताओं के द्वारा जो समाजिक कुरीतियों पर जो प्रहार किया वो भी बेहद सराहनीय एवं गर्व का विषय है।

जिस यहाँ आप स्वयं कभी भर्ती थे आप ने वहाँ एक गुरु के समान बहुत से कक्षाएं लगाई एवं अपने अनमोल जीवन अनुभवों को अन्य यूजिंग एडिक्ट्स के साथ से साँझा कर उन्हें एक दिव्य राह दिखलाई।

साहित्यिक क्षेत्र में भी अपने देखते ही देखते बहुत सी रचनाएँ गढ़ने के साथ प्रकाशित एवं रिकॉर्ड करि। चाहे वो हिंदी के काव्य हो कविताएं हो छंद हो या उर्दू की नज़म, गजक, गीत हो या विस्तृत नज़म कहानियां (दास्ताने)। रोमांचक उपन्यास, किस्से, व्यंग्य, नाटक के साथ सामाजिक, आध्यात्मिक एवं मनोवैज्ञानिक भावनाओं से प्रेरित विस्तृत और लघु लेख हो या बहुत से आध्यात्मिक एव स्वयं के जीवन अनुभवों से सम्बंधिक ब्लॉग।

👉 आपके अपने विक्रांत राजलीवाल द्वारा अब तक के लिखित, प्रकाशित एवं रिकॉर्डिड लेखन कार्य के साथ आगामी रचनाओं पर एक दृष्टि।👇👇👇

1) प्रथम प्रकाशित पुस्तक एहसास: अत्यधिक संवेदनशील काव्य-नज़म की पुस्तक एहसास संयोग प्रकाशन घर शहादरा द्वारा प्रकाशित एवं ए वन मुद्रक द्वारा प्रिंटिड। वर्ष जनवरी 2016(जिसे उसी दौरान विश्व पुस्तक मेला में भी प्रदर्शित किया गया था।)

2( वर्ष 2017 से अब तक अपनी लेखनी ब्लॉग वेबसाइट https://vikrantrajliwal.com पर सेकड़ो सदाबहार ग़ज़ल, नज़म, के साथ, सैकड़ो काव्य कविताए, सेकड़ो शेर उर्दू में, सैकड़ो शेर हिंदी में, के साथ कुछ गीत-गाने
एवं धार्मिक काव्य 💥 राम जन्म एवं 💥 हनुमन्त।

एवं

3) हिंदी काव्य किस्सा 🇮🇳 मंत्री जी।

5) व्यंग्य किस्सा 🙃 मसखरे और नाटक 🇮🇳 सत्य है या भृम।

6) मेरी सबसे ख़ास दर्दभरी मोहब्ब्त की विस्तृत नज़म दास्तानों के साथ,

7)  मेरा प्रथम विस्तृत रोमकंचक उपन्यास भोंडा। (एक कहानी जो दिल को छू जाए) लिख एवं प्रकाशित कर चुका हूं।

भोंडा। (एक कहानी जो दिल को छू जाए) अपनी लेखनी ब्लॉग साइट https://vikrantrajliwal.comपर आपके पठन हेतु प्रकाशित है।

👉 YouTube पर रिकॉर्डिड वीडियो भोंडा। (एक कहानी जो दिल को छू जाए।) का लिंक है।

🌹… https://youtu.be/P8YjIu5S5cc

एवं बहुत से संवेदनशील लेख अपनी लेखनी ब्लॉग साइट vikrantrajliwal.com पर आपके पठन हेतु प्रकाशित किए है।

👉 YouTube चेंनल Kavi & Shayar Vikrant Rajliwal
Url adress is 👇👇👇 https://www.youtube.com/channel/UCs02SBNIYobdmY6Jeq0n73A

👉 अब तक कि कुछ खास FacebookLive videos का लिंक पता है।

1) https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=903529033412424&id=204032090116708

2) https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=1522177451271047&id=204032090116708

3) https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=221447672266776&id=204032090116708

4) https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=473747996541799&id=204032090116708

5) https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=436523326979688&id=204032090116708

👉 ✍️ अब तक मेरी कलम से लिखी गई एवं प्रकाशित कुछ अत्यधिक दर्दभरी मोहब्ब्त की विस्तृत और लघु नज़म दास्ताने इस प्रकार है।

1) एक इंतजार…मोहब्ब्त। (मेरी लेखनी ब्लॉग साइट पर प्रकाशित है।)

2) पहली नज़र। (मेरी लेखनी ब्लॉग साइट पर प्रकाशित है।)

3) बेगुनाह मोहब्ब्त। (मेरी लेखनी ब्लॉग साइट पर प्रकाशित है।)
4) मासूम मोहब्ब्त। (मेरी लेखनी ब्लॉग साइट पर प्रकाशित है।)
5) एक दीवाना। (मेरी लेखनी ब्लॉग साइट पर प्रकाशित है।)

6) पैगाम ए मोहब्ब्त। (मेरी लेखनी ब्लॉग साइट पर प्रकाशित है।)

7) सितमगर हसीना। (मेरी लेखनी ब्लॉग साइट पर प्रकाशित है।)
YOUTUBE LIVE https://youtu.be/F8TKFt7G4Us

8) अक्सर सोचता हूं तन्हा अंधेरी रातों में कि… (मेरी लेखनी ब्लॉग साइट पर प्रकाशित है।)
YouTube live https://youtu.be/ElipaWVQOrw

9) धुंधलाता अक्स। दर्द ए जिंदगी की दर्दभरी नज़म दास्ताँ ( मेरी लेखनी ब्लॉग साइट पर प्रकाशित है।)
YouTube live https://youtu.be/_tKFIu1onQw

10) एक खेल जिंदगी। दर्द ए जिंदगी की दर्दभरी नज़म दास्ताँ (मेरी लेखनी ब्लॉग साइट पर प्रकाशित है।)
YouTube live https://youtu.be/02TpemeSFsA

👉 हिंदी भाषी काव्य किस्सा 🇮🇳 मंत्री जी।
का युट्युब वीडियो लिंक है।

👉 व्यंग्य किस्सा मसखरे एवं नाटक सत्य है या भृम  का युट्युब वीडियो लिंक है।

अ) 🙃मसखरे।

आ) सत्य है या भृम।

👉 कुछ अध्ययमिक एवं मनोवैज्ञानिक लेख का युट्युब वीडियो लिंक है।

अ) 💥 ब्रह्मांड एवं मस्तिक।

आ) 🙂 चरित्र।

आगामी रचनाएँ 👉 👇

शीघ्र ही एक रोमांचक और मार्मिकता के एहसासों से पूर्ण एक दिलचसब कहानी को प्रकाशित एवं रिकार्डिक करूंगा।

एक अत्यधिक विस्तृत जिंदगी के हर रंग को अत्यंत ही समीप से दर्शाता एक नाटक+उपन्यास।

अब तक लिखि गई मेरी समस्त दर्दभरी मोहब्ब्त की दस्तानों का एक संग्रह। नज़म-गज़ल सँग्रह, काव्य कविताओं का सँग्रह। उपन्यास भोंडा। (एक कहानी दिल को छू जाए) का ब्लॉग वेबसाइट के साथ एक पुस्तक में प्रकाशन।

प्रथम प्रकाशित पुस्तक की अत्यधिक संवेदनशील काव्य नज़म को संशोधित कर पुनः प्रकाशन।

✍️ एक नवीन उपन्यास पर भी कार्य करने का विचार बना रहा हु।

👉 उपरोक्त विषयों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण विषय यह है कि आज आप अपने परिवार  के सदस्यों के साथ एक सम्पन और शान्ति से परिपूर्ण जीवन व्यतीत कर रहे है। यह सब देखते ही देखते आप ने कैसे कर दिखाया?

क्या यह कोई चमत्कार है या कोई जादू टोना है?

👉 तो मै उन सभी महानुभवों से यही कहना चाहूंगा कि जो कार्य आपको अकस्मात ही घटित हो गया हूं के जैसा प्रतीत हो रहा है या जिस कार्य की अवधि आपको अति पल भर की या चन्द वर्षो की प्रतीत हो रही है!

मित्रों यह पल भर या चन्द वर्षो की अवधि का कार्य सम्पन्न करने के लिए मुझ को लगभग 16 से 17 वर्ष का समय लगा है। यह सब इतना सरल नही था जितना कि आपको प्रतीत हो रहा है।

वर्ष 2004 में जब मुझको ज्ञान की प्राप्ति का मार्ग दिखा या ज्ञान का एहसास हुआ था। पुनर्वासकेन्द्र में दर्द ए जिंदगी की हकीकत से झूझते हुए, जीवन के हर एहसास को महसूस करते हुए उन्हें बेहद समीप से समझते हुए! तब…

अंत मे हुआ एक साक्षात्कार स्वम् से स्वम् का, अपने वास्तविक व्यक्त्वि को स्वीकार करते हुए उसको निखारने का, मेरे मित्रो।उस समय से निरन्तर चलते हुए, जलते हुए आज मैं यहाँ तक पहुच पाया हु और अब भी मैं निरन्तर ही सत्य की दिव्य आगमी में जलता हुआ चलता जा रहा हु। वर्ष 2008 में इंद्रा गांधीयूनिवर्सिटी से 12 कक्षा का फार्म भरा और वर्ष 2013 में दिल्ली विश्विद्यालय से स्नातक की डिग्री उत्तीर्ण करि।अवसर की कमी के बाबजूद अपने कर्मो पर एक विशवास रखते हुए आपने स्नातक की शिक्षा के उपरांत 2013 में संघ लोक सेवा आयोग की कोचीन ली एव तैयारी करि।

एक आध स्नातक स्तरीय सरकारी परीक्षा का लिखित परीक्षा भी पास किया। 2016 में अपने शोषित समाज के मासूम व्यक्तिओ को कुछ राहत पहुचने की लिए अपनी अति संवेदनशील कविताओ की पुस्तक प्रकाशित करवाई। जिसका नाम एहसास है।

2016 जुलाई में प्रथम मोबाइल के साथ कम्प्यूटर पर प्रथम बार सोशल मीडिया के संपर्क में आया और 2017 से जुलाई से सोशल मीडिया एवं मेरी लेखनी बालिग वेबसाइट https://vikrantrajliwal.com के माध्यम द्वारा सभ्य रचनात्मक साहित्य के साथ; समाजिक एवं आध्यात्मिक लेखन कार्य करना आरम्भ किया। जमीनी स्तर पर भी जहाँ तक सम्भव हो सका निस्वार्थ भाव के साथ सक्रिय रहा हु।

👉 यह सब कैसे सम्पन हो पाया; मित्रो इसके पीछे एक महान भावना छुपी है और वह है मेरे माता और पिता का असीम प्रेम, अनुशाशन और विश्वास।

👉  इस कार्य के पीछे छुपी है एक महान भावना और वह है 💥 ईष्वर की असीम कृपया एवं आप सब मित्रो और गुरुजनों का असीम प्रेम एवं आशीर्वाद।

अंत मे मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि…

🕊️  यह जो चन्द पलो का सफर है न जो, किया है तय कई वर्षों में।

जलना पड़ा था जलना पड़ेगा, जलता ही जा रहा हु मैं।।

हर दर्द एक सबक बन जाता है न जो, सीखा देता है मुस्कुराना हर दर्द ओ सितम में।

बहती है जो धारा ये जीवन की, देता है सुनाई एक संगीत फिर उस मे।।

टूट जाते है छुप जाते है जब सहारे उम्मीद के सब।

निकलता है सूर्य पुकार एक सत्य से तब।।

यह जो चन्द पलो का सफर है न जो, किया है तय कई वर्षो में।

जलना पड़ा था जलना पड़ेगा जलता ही जा रहा हु मैं।। 

स्वतन्त्र लेखक/कवि-शायर/गीतकार-नज़्मकार-गज़लकार/उपन्यासकार/नाटककार/व्यंग्यकार/ब्लॉगर/सत्य अनुभवों से प्रप्त जीवन संघर्ष का एक यात्री विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित उनके जीवन से सम्बंधित एक सत्य अनुभव।🖋

मेरी लेखनी ब्लॉग वेबसाइट है।/My writing blog website is

My YouTube channel is

My facebook page address is

My e mail address is

vikrant.rajliwala@gmail.com

My contract address :My whatsapp no is

👉 91+9354948135

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Published by Voice Of Vikrant Rajliwal ( My Writing, My Blogs & My Voice)

💥Spiritual communicator, Motivational Speaker, Author, Writer, Poet And Thinker. विक्रांत राजलीवाल। (समाजिक कार्यकर्ता, कवि, शायर, नज़्मकार, ग़ज़लकार, गीतकार, व्यंग्यकार, लेखक एव नाटककार-कहानीकार-सँवादकार) 1) एहसास प्रकाशित पुस्तक (published Book) : अत्यधिक संवेदनशील काव्य पुस्तक एहसास, जिसका केंद्र बिंदु हम सब के असंवेदनशील होते जा रहे सभ्य समाज पर अपनी काव्य और कविताओं के द्वारा एक प्रहार का प्रयास मात्र है। Sanyog (संयोग) प्रकाशन घर शहादरा द्वारा प्रकाशित एव ए वन मुद्रक द्वरा प्रिंटिड। प्रकाशन वर्ष जनवरी 2016. प्रकाशित मूल्य 250:00₹ मात्र। 2) My Site: Vikrant Rajliwal Url address: vikrantrajliwal.com वर्ष 2016-17 से अब तक सैकड़ो दर्दभरी नज़्म, ग़ज़ल, बहुत सी काव्य-कविताए एव कुछ व्यंग्य किस्से, कुछ एक गीतों के साथ बहुत से विस्तृत समाजिक, आध्यात्मिक एव मनोवैज्ञानिक लेखों के साथ कई प्रकार के सामाजिक एव आध्यात्मिक विचार लिख कर अपनी साइट पर प्रकाशित कर चुके है। एव दिनप्रतिदिन कॉप्के प्रेमस्वरूप नित्य नई रचनाओँ का लेखन एव प्रकाशन जारी है। एवं स्वम् की कई नज़्म कविताओं एव लेखों का अंग्रेजी भाषा में अनुवाद कर चुके है। 3) Youtube channel: Vikrant Rajliwal पर मेरे द्वारा लिखित मेरी समस्त रचनाओँ जैसे प्रकाशित पुस्तक एहसास से अति संवेदनशील काव्य- कविताए, और मेरी निजी लेखनी ब्लॉग साइट vikrantrajliwal.com पर प्रकाशित मेरी सैकड़ो नज़्म, ग़ज़ल और बहुत सी काव्य, कविताओँ एव्यंग्य किस्सों को मेरे स्वयं के स्वरों के साथ देखने और सुनने के लिए मेरे YouTube चैनल को अभी Subscribe कीजिए। 👉 आगामी रचनाएँ (Upcoming Creation's) : अपनी ब्लॉग साइट vikrantrajliwal.com पर सक्रिय अति विस्तृत दर्दभरी नज़्म दास्ताँ श्रृंखला "दास्ताँ" के अंतर्गत चौथी एवं अब तक लिखी गई अंतिम अति विस्तृत दर्दभरी नज़्म दास्ताँ "मासूम मोहब्ब्त" प्रकाशित करि जाएगी। जल्द ही अपनी ब्लॉग साइट vikranrajliwal.com पर अपनी कुछ लघु कहानियों का प्रकाशन का कार्य प्रारंभ करूँगा। 👉 साथ ही मैं वर्ष 2016 से एक अत्यंत ही दर्दभरा जीवन के हर रंग को प्रस्तुत करती एक सामाजिक कहानी, एक नाटक पर कार्य कर रहा हु। 💥 इसके साथ ही शायद आप मे से बहुत से महानुभव इस बात से परिचित नही होंगे कि मैं आपका अपना मित्र विक्रांत राजलीवाल वर्ष 2003-04 से नशे से पीड़ित मासूम व्यक्तियों के लिए निःस्वार्थ भाव से सेवा करता आ रहा हु एव स्वम भी कई प्रकार के जटिल उतार चढ़ाव के उपरांत एक शुद्ध रिकवरी को प्राप्त कर सका हु। यदि आप मुशायरे या कवि सम्मेलन के आयोजक है और आप मेरी सैकड़ो दर्दभरी नज़्म ग़ज़ल शायरी या काव्य कविताओं के द्वारा मेरे कार्यक्रम को बुक करते है तो यकीन मानिए इस प्रकार से आप अपना एक अनमोल योगदान उन मासूमो के लिए सहज ही प्रदान कर सकते है। क्योंकि मेरी कला के कार्यक्रम से होने वाली 100% कमाई नशे से पीड़ित उन गरीब एव बेबस मासूमो के इलाज लिए समर्पित होगी। जिन्होंने अपना जीवन जीने से पूर्व ही नशे के आदि बन कर बर्बाद करना शुरू कर दिया है या बर्बाद कर चुके है। 😇 समाज सेवा: स्वमसेवी नशामुक्ति कार्यक्रम के तहत नशे की गिरफ्त में फंसे नवयुवको एवं व्यक्तियों को एक स्वास्थ्य जीवन को जीने के लिए प्रेरित करता आ रहा हु। स्वमसेवी संस्थाओं एवं स्वयम से जन सम्पर्को के माध्यम द्वारा निशुल्क सेवा भाव से वर्ष 2003 से अब तक। विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। मेरासंपर्क सूत्र नीचे अंकित है। My Whatsapp no: 91+9354948135 (Translated) One service and one collaboration Hello Friends, Many of you may not be familiar with the greatness that I have been serving my self-indigenous friends Vikrant Rajliwal with selfless service for innocent people who have been suffering from intoxicants since 2003-04. After a complex fluctuation of type, I could get a pure recovery. And if you are the organizer of mushere or poet conference or you can book my program with my hundreds of painful najm ghazal shayari or poetic poems and also in your program, believe that in this way you have a valuable contribution They can easily provide for those innocent people. Because 100% earnings from my program will be dedicated to the treatment of those poor and unemployed innocent people who have started wasting or wasted by becoming addicted to drugs before living their lives. Name: Vikrant Rajliwal Published book: एहसास (a highly sensitive poetic book inspired by social and humanitarian values) published by Sanyog publication house shahdara. Which was also showcased at the Delhi World Book Fair in the same year 2016. 🎤 Upcoming creations: The story of my fourth and last nazam tales written so far. And a play, a painful story presenting every run of life. 😇 Social service: Swamsevy has been promoting the life of the youth and all the people trapped under the influence of intoxicants as a drug addiction program. Free service charges through Swamsevy institutions from 2003 till now. Thank you Vikrant Rajliwal Hometown: Delhi. The contact form is displayed below. My Whatsapp no: 91 + 9354948135 प्रिय पाठकों एव मित्रजनों, यह है अब तक का मेरे द्वारा सम्पन्न एव आगामी लेखन कार्य, जो आप सभी प्रियजनों के प्रेम एव आशीर्वाद से शीघ्र अति शीघ्र ही सम्म्प्न हो अपने वास्तविक स्वरूप को प्राप्त हो जाएगा। आप सभी प्रियजन अपना प्रेम एव आशीर्वाद अपने रचनाकार मित्र विक्रांत राजलीवाल पर ऐसे ही बनाए रखे। धन्यवाद। विक्रांत राजलीवाल।

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