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💥 Recovery Man Author Vikrant Rajliwal

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You can produce a positive change in your personality today. The only requirement is a positive move and a qualified experienced person.

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When you want to make your precious life free from intoxication, it means that you want to be free from the company you all know in society as incompatible. With this, you are willing to make some positive changes in your chaotic life.

But here you did this idea and there all the above positive changes took place in your life and you ended up the chaos of your life and achieved life advancement. Do you think so

If you have come down then you are in great need of a responsible chancellor, otherwise you can waste your precious life on your own hands due to your ignorance or you may even die from your family members without any reason.

Recovery And Addiction by Vikrant Rajliwal

Why so? Have you ever considered it?

Because you first need a person who can accept you with your true state of mind. With this, the unknown problem you are feeling today or the unknown problems that have arisen in front of you like a chakravyuh, they had also faced the same problems and who could conquer those problems and reach here today. is.

Some real facts written by Vikrant Rajliwal which is a tangible result of true experiences.

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Whatsapp no: 91 + 9354948135

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आप आज ही अपने व्यक्तित्व में एक सकरात्मक परिवर्तन उतपन कर सकते है। केवल आवश्यकता है तो एक सकरात्मक भरे कदम एवं एक योग्य अनुभवी व्यक्ति से एक मुलाकात की।

💥 जब आपने अनमोल जीवन को नशे से मुक्त करना चाहते है तो! इसका तातपर्य यह है कि आप अपनी उस संगत जिसे समाज में हम सभी असंगत के रूप में जानते है से मुक्त होना चाहते है। इसके साथ ही आप अपने अव्यवस्त जीवन में कुछ सकरात्मक परिवतर्न उतपन करने के इच्छुक है।

परन्तु यहाँ अपने यह विचार किया और वहाँ उपरोक्त सभी सकरात्मक परिवर्तन आपके जीवन मे उतपन हो गए और आप अपने जीवन की अव्यवस्था को समाप्त कर जीवन उन्नति को प्राप्त हो गए! क्या आपको ऐसा ही लगता है?

यदि आपका उतर हा है तो आपको एक जिम्मेवार कौंसलर की अति आवश्यकता है अन्यथा आप स्वयं अपने हाथों ही अपने अनमोल जीवम को अपनी अज्ञानता के कारण बर्बाद कर सकते है या बिना कारण ही स्वयं अपने परिवार के सदस्यों से आहात भी हो सकते है।

ऐसा क्यों? क्या कभी यह विचार किया है अपने?

क्योंकि आपको सर्वप्रथम एक ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता होती है जो आपको आपकी वास्तविक मनोस्थिति के साथ स्वीकार कर सके। इसके साथ ही जो अनजानी समस्या आप आज महसूस कर रहे है या जो अनजानी समस्याओं आपके सामने एक चक्रव्यूह के समान अक्समात खड़ी हो गई है कभी उन्होंने भी उन्ही समस्याओं का सामना किया था और जो उन समस्याओं पर विजय प्राप्त करते हुए आज यहाँ तक पहुच पाए है।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित कुछ वास्तविक तथ्य जो सत्य अनुभवों का एक ठोस परिणाम है।

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स्वयं को किसी के समुख इतना ना झुकाए की वह आपको अपने मुनाफ़े एवं स्वार्थ के लिए इस्तेमाल कर सकें।

इसके विपरीत आप स्वयं में कुछ ऐसे सकरात्मक परिवर्तन उतपन कीजिए, जिससे आपको किसी के समुख झुकना ही ना पड़े।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

परामर्श हेतु निशुल्क संपर्क सूत्र है।

व्हाट्सअप न: 91+9354948135

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Do not bend yourself in front of anyone so that they can use you for their profit and selfishness.

On the contrary, you create some positive changes in yourself so that you do not have to bend over anyone.

Written by Vikrant Rajaliwal.

There is a free contact for consultation.

Whatsapp no: 91 + 9354948135

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Dear Loved One’s,My First Introduction video is uploaded now!

Video link is mentioned in below!

Watch my video and Subscribe to our Channel.

https://youtu.be/oEdfhLIaUwE 🙏💖💖

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Published by Voice Of Vikrant Rajliwal ( My Writing, My Blogs & My Voice)

💥Spiritual communicator, Motivational Speaker, Author, Writer, Poet And Thinker. विक्रांत राजलीवाल। (समाजिक कार्यकर्ता, कवि, शायर, नज़्मकार, ग़ज़लकार, गीतकार, व्यंग्यकार, लेखक एव नाटककार-कहानीकार-सँवादकार) 1) एहसास प्रकाशित पुस्तक (published Book) : अत्यधिक संवेदनशील काव्य पुस्तक एहसास, जिसका केंद्र बिंदु हम सब के असंवेदनशील होते जा रहे सभ्य समाज पर अपनी काव्य और कविताओं के द्वारा एक प्रहार का प्रयास मात्र है। Sanyog (संयोग) प्रकाशन घर शहादरा द्वारा प्रकाशित एव ए वन मुद्रक द्वरा प्रिंटिड। प्रकाशन वर्ष जनवरी 2016. प्रकाशित मूल्य 250:00₹ मात्र। 2) My Site: Vikrant Rajliwal Url address: vikrantrajliwal.com वर्ष 2016-17 से अब तक सैकड़ो दर्दभरी नज़्म, ग़ज़ल, बहुत सी काव्य-कविताए एव कुछ व्यंग्य किस्से, कुछ एक गीतों के साथ बहुत से विस्तृत समाजिक, आध्यात्मिक एव मनोवैज्ञानिक लेखों के साथ कई प्रकार के सामाजिक एव आध्यात्मिक विचार लिख कर अपनी साइट पर प्रकाशित कर चुके है। एव दिनप्रतिदिन कॉप्के प्रेमस्वरूप नित्य नई रचनाओँ का लेखन एव प्रकाशन जारी है। एवं स्वम् की कई नज़्म कविताओं एव लेखों का अंग्रेजी भाषा में अनुवाद कर चुके है। 3) Youtube channel: Vikrant Rajliwal पर मेरे द्वारा लिखित मेरी समस्त रचनाओँ जैसे प्रकाशित पुस्तक एहसास से अति संवेदनशील काव्य- कविताए, और मेरी निजी लेखनी ब्लॉग साइट vikrantrajliwal.com पर प्रकाशित मेरी सैकड़ो नज़्म, ग़ज़ल और बहुत सी काव्य, कविताओँ एव्यंग्य किस्सों को मेरे स्वयं के स्वरों के साथ देखने और सुनने के लिए मेरे YouTube चैनल को अभी Subscribe कीजिए। 👉 आगामी रचनाएँ (Upcoming Creation's) : अपनी ब्लॉग साइट vikrantrajliwal.com पर सक्रिय अति विस्तृत दर्दभरी नज़्म दास्ताँ श्रृंखला "दास्ताँ" के अंतर्गत चौथी एवं अब तक लिखी गई अंतिम अति विस्तृत दर्दभरी नज़्म दास्ताँ "मासूम मोहब्ब्त" प्रकाशित करि जाएगी। जल्द ही अपनी ब्लॉग साइट vikranrajliwal.com पर अपनी कुछ लघु कहानियों का प्रकाशन का कार्य प्रारंभ करूँगा। 👉 साथ ही मैं वर्ष 2016 से एक अत्यंत ही दर्दभरा जीवन के हर रंग को प्रस्तुत करती एक सामाजिक कहानी, एक नाटक पर कार्य कर रहा हु। 💥 इसके साथ ही शायद आप मे से बहुत से महानुभव इस बात से परिचित नही होंगे कि मैं आपका अपना मित्र विक्रांत राजलीवाल वर्ष 2003-04 से नशे से पीड़ित मासूम व्यक्तियों के लिए निःस्वार्थ भाव से सेवा करता आ रहा हु एव स्वम भी कई प्रकार के जटिल उतार चढ़ाव के उपरांत एक शुद्ध रिकवरी को प्राप्त कर सका हु। यदि आप मुशायरे या कवि सम्मेलन के आयोजक है और आप मेरी सैकड़ो दर्दभरी नज़्म ग़ज़ल शायरी या काव्य कविताओं के द्वारा मेरे कार्यक्रम को बुक करते है तो यकीन मानिए इस प्रकार से आप अपना एक अनमोल योगदान उन मासूमो के लिए सहज ही प्रदान कर सकते है। क्योंकि मेरी कला के कार्यक्रम से होने वाली 100% कमाई नशे से पीड़ित उन गरीब एव बेबस मासूमो के इलाज लिए समर्पित होगी। जिन्होंने अपना जीवन जीने से पूर्व ही नशे के आदि बन कर बर्बाद करना शुरू कर दिया है या बर्बाद कर चुके है। 😇 समाज सेवा: स्वमसेवी नशामुक्ति कार्यक्रम के तहत नशे की गिरफ्त में फंसे नवयुवको एवं व्यक्तियों को एक स्वास्थ्य जीवन को जीने के लिए प्रेरित करता आ रहा हु। स्वमसेवी संस्थाओं एवं स्वयम से जन सम्पर्को के माध्यम द्वारा निशुल्क सेवा भाव से वर्ष 2003 से अब तक। विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। मेरासंपर्क सूत्र नीचे अंकित है। My Whatsapp no: 91+9354948135 (Translated) One service and one collaboration Hello Friends, Many of you may not be familiar with the greatness that I have been serving my self-indigenous friends Vikrant Rajliwal with selfless service for innocent people who have been suffering from intoxicants since 2003-04. After a complex fluctuation of type, I could get a pure recovery. And if you are the organizer of mushere or poet conference or you can book my program with my hundreds of painful najm ghazal shayari or poetic poems and also in your program, believe that in this way you have a valuable contribution They can easily provide for those innocent people. Because 100% earnings from my program will be dedicated to the treatment of those poor and unemployed innocent people who have started wasting or wasted by becoming addicted to drugs before living their lives. Name: Vikrant Rajliwal Published book: एहसास (a highly sensitive poetic book inspired by social and humanitarian values) published by Sanyog publication house shahdara. Which was also showcased at the Delhi World Book Fair in the same year 2016. 🎤 Upcoming creations: The story of my fourth and last nazam tales written so far. And a play, a painful story presenting every run of life. 😇 Social service: Swamsevy has been promoting the life of the youth and all the people trapped under the influence of intoxicants as a drug addiction program. Free service charges through Swamsevy institutions from 2003 till now. Thank you Vikrant Rajliwal Hometown: Delhi. The contact form is displayed below. My Whatsapp no: 91 + 9354948135 प्रिय पाठकों एव मित्रजनों, यह है अब तक का मेरे द्वारा सम्पन्न एव आगामी लेखन कार्य, जो आप सभी प्रियजनों के प्रेम एव आशीर्वाद से शीघ्र अति शीघ्र ही सम्म्प्न हो अपने वास्तविक स्वरूप को प्राप्त हो जाएगा। आप सभी प्रियजन अपना प्रेम एव आशीर्वाद अपने रचनाकार मित्र विक्रांत राजलीवाल पर ऐसे ही बनाए रखे। धन्यवाद। विक्रांत राजलीवाल।

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