💥 सत्य एक सांस्कृतिक विशवास।

अक्सर मैं प्राचीन वैदिककालीन इतिहास के सम्बंध में पढ़ता हूं कि आर्य जो हिन्दू धर्म से सम्बंधित एक महत्वपूर्ण वर्ग है यूरोप से आए थे?

परन्तु मैं अपने भारतवर्ष के अपने हिन्दू धर्म एव देवी देवताओँ, पुराणों, वेदों एव संस्कृति पर विश्वाश रखते हुए यह मानता हूं कि हा हो सकता है कि आर्य यूरोप में भी निवास करते है या आर्य वहा की एक प्राचीन शाशक वर्ग हो।

परन्तु इसका तदपि यह तातपर्य नही निकलता की आर्य यूरोप से भारतवर्ष में आए थे इस तथ्य की संभावना अति शुष्म होते हुए न के बराबर प्रतीत होती है। इसके विपरीत आर्य भारत वर्ष से यूरोप की ओर गए थे इस तथ्य की संभावनाएं अत्यधिक है। यह बात मैं यू ही नही कह रहा मित्रों इसके पीछे भी एक महत्वपूर्ण तथ्य है जब सम्पूर्ण यूरोप पाषाण युग मे एक आदिम जनजाति के समान जीवन व्यतीत कर रहा था उस समय भारत अपने स्वर्णिम युग के एक स्वर्णिम दौर से गुजर रहा था।

एव यह भी हो सकता है कि जिस समय जिसने भी यह तथ्य दिए उस समय भारतवर्ष गुलामी की जंजीरों से जकड़ा हुआ एक बेबस देश था एव उन तथ्य के जरिए भारतवर्ष की सांस्कृतिक मान्यताओ एव विश्वाश को तोड़ते हुए भारतवर्ष की संस्कृति को मिटाने की एक साजिश या नकारात्मक कोशिश भी हो सकती है!

उपरोक्त विचार मेरे स्वम् के निजी विचार है जो मेरे हिन्दू धर्म एव भारतवर्ष की पुराणिक सांस्कृतिक मान्यताओं से प्रेरित है।

धन्यवाद।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
3/12/2018 at 21:20 pmFB_IMG_1536414617181

🕊 Real knowledge.

The real knowledge that grows with the day-to-day positivity. And make a positive change in your personality from the level of your knowledge.

The real religion is that which remains stable. Just by the level of your knowledge, your faith changes.

Written by Vikrant Rajliwal
CollageMaker_20180722_193819056(translated by Vikrant Rajliwal)
13/09/2018

(Republish)

🕊 वास्तविक ज्ञान।

वास्तविक ज्ञान वह जो दिन प्रतिदिन सकारात्मकता के साथ बढ़ता जाए। एव आपके ज्ञान के स्तर से आपके व्यक्तिव में एक सकारात्मक बदलाव उतपन कर दे।

वास्तविक धर्म वह जो स्थिर रहता है। बस आपके ज्ञान के स्तर के हिसाब से आपकी आस्था बदल जाती है।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

13/09/2018 at 16:35 pm

(पुनः प्रकाशित)CollageMaker_20180722_193819056

💥 Real experience

20181123_164911Always keeping your mind calm while keeping faith in your God’s grace.

Surprising in front of an experienced personality, protecting himself from all forms of addiction.

You can get a happy opportunity of your lost self-esteem and life advancement.

Are you ready to accept of your own real person, to achieve such a golden dream, which can help you to get an eternal experience of your real calmness? Which you really deserve.

Written by Vikrant Rajliwal
(Translation of my Hindi articles by me)
3/12/2018 at 00:42 am

💥 वास्तविक अनुभव।

हमेशा अपने चित्त को शांत रखते हुए अपने ईष्वर की कृपा पर विश्वाश रखते हुए।

अपने आप को हर प्रकार के व्यसनों से बचाते हुए, किसी अनुभवशाली व्यक्तित्व के समक्ष आत्मसमर्पण करते हुए।

आप प्राप्त कर सकते है अपनी खोई हुई आत्मशांति एव जीवन उन्नति का एक सुनिचित अवसर।

क्या आप तैयार है स्वम् के वास्तविक व्यक्तिव को स्वीकार करते हुए, एक ऐसे सुनहरे स्वप्न को साकार करने के लिए, जो आपको आपकी वास्तविक आत्मशांति का एक अनन्तकालीं अनुभव प्राप्त करवा सके? जिसके आप वास्तव में हकदार है।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
3/12/2018 at 00:32am20181123_164911

लक्ष्य। ✒

FB_IMG_1535948190951.jpgखुशनसीब होते है वो राह ए मुसाफ़िर, सफर ए ज़िंदगानी में साथ संघर्ष हर कदम है जिनके ए साथी।

हर एक सवेरा लाता है एक नई रौशनी, लिपटी अहसासों से चिंगारी कोई बेदर्द जो साथ अपने ए साथी।।

चक्रव्यूह नही अभिमन्यू सा, तोड़ न सके जिसे कोई, समाया विशवास सांसो में तेरे ए साथी।

तीर है अर्जुन सा भेद लक्ष्य निकल जाएगा, साथ न हो कोई चाहे तेरे, तन्हा तू चल ए साथी।।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
(पुनः प्रकाशित)

सोचता हूं अक्सर तन्हा अंधेरी रातो में कि…💦

1536088001590-539524510.jpgयाद हैं अब भी गुजरा वो ज़माना, देखा था खोया अक्श नज़रो में उनकी अपना जब वो वर्षो पुराना।

रात थी वो चाँद की, आशिक था महोबत से उनकी
यह सारा ज़माना।।

रहता था उफ़ान धड़कनो में जब मेरे।

बजता हो साज कोई, जैसे साँसों से मेरे।।

उनकी वो हर एक अदा अब भी हैं याद मुझ को।

वख्त बे वख्त वो इतराना, तीर शराबी निगाहों से चलाना,
अब तक हैं याद मुझ को।।

वो मौसम, वो सर्द रात, वो थी मेरी तन्हाई की बात।

साया था पीपल का एक साथ मेरे, वो थी उनसे मेरी जुदाई की रात।।

अब तक हैं याद मुझ को…

देखी थी जब राह ए सनम, धड़कती तो कभी टूटती अपनी हर धड़कन के साथ।

वो आये नही थे देने को जब दीवाने का अपने, जो अब भी धड़कनो में कहि मेरे मेरा साथ।।

निकलती थी एक आह, गुजरते हर लम्हे के साथ।

आलम था बेदर्द बेहिंतिया, आया था जो एक बेबसी के साथ।।

खड़ा था दीवाना जो राह ए सनम, साए से अपने लिपट कर,
खो गयी राह ए मन्ज़िल, एक दर्द, वो महबूबा किसी गैर के साथ।

वख्त गुजरा, समा गुजरा, गुजर गया वो जमाना, चली गयी थाम के हाथ,
देखता रह गया जो तन्हा दीवाना, वो किसी गैर के साथ।।

अब तक हैं याद मुझ को…

खड़ा हैं अब भी वही उसका दीवाना, साए से उसी पीपल के साथ।

देख रहा हैं राह सुनी, अब भी न जाने किसकी वो, उसके चले जाने के बाद।।

अब तक हैं याद मुझ को…

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

(पुनः प्रकाशित कुछ तंकन त्रुटि सुधारूपरांत तारीख़ 02/11/2018 at 20:43pm)

💌 महोबत।

महोबत मिट नही सकती किसी के मिटाने से।

भावनाए(एहसास) दब नही सकती किसी के दबाने से।।

यह वो आग है दीवाने, भड़कती है जो दबाने से।।।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
(पुनः प्रकाशित)a753b56c-61c9-499b-9e48-10ff7b5bbeae

❤ दर्द ए दिल।

दर्द ए दिल, दिल कि गहराइयो से दर्द झलक जाता है।
FB_IMG_1539446228018
लाख छुपाए आह ए दिल ए दिल,

सितम ये धड़कनों का धड़कनो पर सब को पता चल जाता है।।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।
(पुनः प्रकाशित)