Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतंत्र लेखक-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।-स्वतंत्र लेखक-

Feb 19, 2019
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

no comments

🇮🇳 वीर राजा छत्रपति शिवाजी Live on Youtube (शौर्यता एव वीरता के प्रतीक इतिहासिक युग पुरुष)

शौर्य, वीरता की एक मिसाल जो, गर्ज सिंह सी एक दहाड़ जो, ऐसे वीर राजा छत्रपति शिवाजी को शत शत नमन: है। माता जिजाऊ की दुलार से, समर्थ गुरु के ज्ञान से, स्थापित सत्य न्याय से स्वराज्य किया, ऐसे वीर राजा छत्रपति शिवाजी को शत शत नमन: है।। फुट पड़ा था ज्वलित ज्वालामुखी, अंगार बरसा […]

Feb 19, 2019
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

no comments

🦁 शौर्य एव वीरता के प्रतीक भारतीय। ( इतिहास से अब तक के विरो एव शहीदों को नमन:)

नमस्कार प्रिय पाठकों एव ह्रदय अज़ीज़ श्रुताओं, आज दिनांक 19 फरवरी रात्रि 8:00 बजे,*वीर राजा छत्रपति शिवाजी की जयंती* पर मैं आपका अपना मित्र ^कवि विक्रांत राजलीवाल^ आपके अपने YouTube चैनल *Kavi Vikrant Rajliwal* पर Live आ कर *वीर छत्रपति शिवाजी* को उनकी जयंती पर, उनकी असीम वीरता एव शौर्यता के सम्मान स्वरूप, अपने देश […]

Feb 18, 2019
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

no comments

🕯शहीदों को श्रधांजलि *आतंकवाद के खिलाफ संकल्प* (एक भाव विभोर श्रद्धांजलि)

🙏 नमस्कार है हर भारतीय समेत इस संसार के प्रत्येक व्यक्ति एव संस्था को जो आज इस गमगिम एव शोकाकुल समय मे आतंक से पीड़ित हम भारतीयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए है कल दिनांक 17/02/2019 के दिन हमारे स्थानीय क्षेत्र हरित विहार में *वीर शहीदों को श्रद्धांजलि* *आतंकवाद के खिलाफ संकल्प* […]

Feb 16, 2019
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

no comments

🕯 एक शाम पुलवामा शहीदों के नाम ( एक शोकाकुल Live कार्यक्रम)

एक शाम पुलवामा के शहीदों के नाम एक भाव विभोर श्रद्धांजलि ऑनलाइन Live शोकाकुल कार्यक्रम YouTube चैनल Kavi Vikrant Rajliwal पर! 17/02/2019 रात्रि 8:00 बजे। एक शाम पुलवामा के शहीदों के नाम। यह एक ऑनलाइन Live भावमात्मक एव शोकाकुल कार्यक्रम है। देश के दुश्मनों ने देश के ह्रदय पर जो यह एक बेहद गम्भीर घाव […]

Feb 16, 2019
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

no comments

🕊 सपूत।

ग़मगीन इस रात्रि की क्या कभी कोई सहर हो भी पाएगी। पूछता हूं मैं कि हो गया जिसका सपूत शहीद, कोई सहर उस माँ के भी आसुओ को कभी पोछ भी पाएगी।। हमे सुलाने को एक चैन की नींद, सो गया है वो। महफूज वतन को करने के लिए, शहीद हो गया है जो।। हर […]

Feb 15, 2019
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

no comments

एक एहसास

रुकी हुई हवाओ से एहसास उठते किसी तूफान का है। खामोश है जो ये आसमां जरूर आज कोई बहुत रोने वाला है।। धड़कते धड़कते टूट ना जाए धड़कने, आज किसी अपने ने बहुत सताया है हमे। बहते हुए आँसुओ से लिख दी है जो दास्तान हमने, आज हर उस दास्तां को खुद ही मिटाना है […]

Feb 15, 2019
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

no comments

आहत ह्रदय।

आहत ह्रदय सहज ही हो जाता है मेरा,छल्ली घावों को एक घाव नया मिल जाता है जब। कहने को है दुखद ह्रदय की व्यथा अनन्त, कुछ कहते, कुछ सुनते मगर भर जाए व्याकुल कंठ जब।। निर्मोही ये संसार हुआ, हर बात सियासत से हुए जब। एहसासों की बात नही, हर एहसास निरर्थक हो जाए जब।। […]