Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतंत्र लेखक-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।-स्वतंत्र लेखक-

Apr 11, 2019
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🌹 दास्ताँ

नमस्कार मित्रों, जैसा कि मैंने आप सभी प्रियजनों से वचन दिया था कि जल्द ही अपनी आज तक कि बहेत्रिन दर्दभरी महोबत कि नज़्म दस्तानों को आपके पाठन हेतु आपकी अपनी इस ब्लॉग साइट पर प्रकाशित करूँगा। अपने जीवन के अत्यधिक व्यस्त एव व्यवस्त होने के उपरांत भी मैने रात दिन आपके पाठन हेतु कार्य […]

Apr 9, 2019
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💌 एक इंतज़ार… महोबत। (दास्ताँ श्रुंखला के अंतर्गत प्रथम दास्ताँ)

क़िताब ए महोबत के पाक पन्नों पर दर्द, एक दीवाने का लहू जो अब बरस गया। जख़्मी दिल के ज़ख्मो से तमाम, तेज़ाब कोई जो सरेराह अब बरस गया।। याद आई बिछुड़े महबूब की जब जब अपने, बेदर्द यह ख़ूनी सावन भी तब तब गरजा बेहिंतिया और टूट कर बरस गया। देख कर तड़प एक […]

Mar 10, 2019
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एहसास // Feelings

वो जो कहते है उन्हें आजकल अच्छी कहानिया नही मिलती पढ़ने को, चलचित्र पर अदायगी करने एव करवाने को, जी जनाब यह भी एक सत्य है अत्यंत ही क्रूर के आजकल अच्छी कहानियों को भी कहा मिल पाते है सहज से प्रकाशक, पाठक एव प्रायोजक जो पहुचा सके उन्हें उनके वास्तविक हक़दार तक। और वो […]

Mar 10, 2019
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एहसास // Feelings

वो जो कहते है उन्हें आजकल अच्छी कहानिया नही मिलती पढ़ने को, चलचित्र पर अदायगी करने एव करवाने को, जी जनाब यह भी एक सत्य है अत्यंत ही क्रूर के आजकल अच्छी कहानियों को भी कहा मिल पाते है सहज से प्रकाशक, पाठक एव प्रायोजक जो पहुचा सके उन्हें उनके वास्तविक हक़दार तक। और वो […]

Jan 30, 2019
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एहसास

आज आपसे यू ही कुछ कहने का, कुछ एहसासों का एहसासों से एहसास साँझा करने की इच्छा हो रही थी। क्या कहूँ ऐसा? क्या लिख दु ऐसा? किस प्रकार लिख दु अपने वास्तविक एहसासों की वास्तविकता की मेरे ह्रदय के एहसासों की तड़प आप तक पहुच सके? कभी कभी मैं स्वम् को एकदम से ही […]

Jan 18, 2019
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💦 निर्दोष धड़कन। (Live Video)

🌅 सुप्रभात प्रिय पाठकों एव ह्रदय अज़ीज़ श्रुताओं। सुबह की ताजगी से महक जाए आपके जीवन की सुंदर हर बाग़वानी। खिल उठे खुशियों के गुल दूर हो जाए जीवन से आपके हर परेशानी।। 👉 कल आपके और अपने यूट्यूब चैनल Kavi Vikrant Rajliwal पर अपनी प्रथम प्रकाशित पुस्तक से एक अति संवेदनशील कविता एक दर्द […]

Dec 7, 2018
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एक एहसास! सत्य से प्रेरित है जो।

अक्सर कई बार कई परिचित एव अलग अलग व्यक्तित्व के व्यक्ति अक्सर मुझ से पूछते है कि विक्रांत राजलीवाल जी आप अभी कुछ समय पूर्व तक अनपढ़ 2008 तक(10th pass) की श्रेणी में थे। और आपको 2004 मार्च या 2003 मे लगभग 19 महीने तक पुनर्वासकेन्द्र(नशामुक्तिकेंद्र)में रहना पड़ा था! यहाँ वर्ष की वास्तविक स्थिति का […]