Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's

Poetry, Shayari, Gazal, Satire, drama & Articles Written by Vikrant Rajliwal

June 8, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

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एक सत्य। (1)

एक 17 वर्षीय अबोध युवक जब रिएबीटेशन सेंटर में भर्ती हो जाता है। एव हर गुजरते लम्हों के साथ उसे उसके जीवन के वह प्रत्येक वाक्य एक एक करके स्मरण होने लगते है। जिनके प्रभाव से उसके जीवन मे एक अचूक परिवर्तन सहज ही आ गए। जिनमे से कुछ परिवर्तन सकरात्मक हो सकते है एव […]

June 7, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

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सत्य अनुभव।

आपकी संगत का और आपके आस पास के सामाजिक वातावरण का प्रभाव आपके चेतन एव अचेतन मस्तिक्ष को अवश्य ही प्रभाविक करता है। इसीलिए एक सकारात्मक व्यक्त्वि के व्यक्तियों की संगत एव सभ्य समाजिक वातावरण आपके व्यक्तित्व को प्रत्यक्ष एव अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाविक करते हुए आपके जीवन मे प्रत्यक्ष एव अप्रत्यक्ष रूप से एक […]

April 28, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

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💏 पनघट।

पनघट किनारे देखन मोह को चोरी चोरी शाम पधारे, ओ री मोरी सखी, ओ री मोरी सहेली। अंखियन में उनके प्रेम अठीहेली, प्रेम करन को उनको जी मोरा ललचाए, ओ री मोरी सखी, ओ री मोरी सहेली।। बांध कमर से आयो बांसुरी वो अपने सुरिली, छेड़ दियो पनघट से राग कोई फिर मनोहरी, ओ री […]

April 19, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

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💥 जय हनुमन्त। (With the video link of today’s YouTube poetry reading.)

जय हनुमन्त अति बलदाई। जन्म जन्म के दुख मिटाई।। देख तुन्हें हर दुष्ट है भागा। मिट जाता है हर घाव ताजा।। कौन है इस जग में तुमसा महान। आते हो तुम ही दुखियो के काम।। समीप ह्रदय है जवलित, तुम्हरा ही पवित्र उजाला। अंधकार पल भर में मलिनता मन की दूर कर डाला।। देख तुम्हे […]

April 11, 2019
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🌹 दास्ताँ

नमस्कार मित्रों, जैसा कि मैंने आप सभी प्रियजनों से वचन दिया था कि जल्द ही अपनी आज तक कि बहेत्रिन दर्दभरी महोबत कि नज़्म दस्तानों को आपके पाठन हेतु आपकी अपनी इस ब्लॉग साइट पर प्रकाशित करूँगा। अपने जीवन के अत्यधिक व्यस्त एव व्यवस्त होने के उपरांत भी मैने रात दिन आपके पाठन हेतु कार्य […]

April 9, 2019
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💌 एक इंतज़ार… महोबत। (दास्ताँ श्रुंखला के अंतर्गत प्रथम दास्ताँ)

क़िताब ए महोबत के पाक पन्नों पर दर्द, एक दीवाने का लहू जो अब बरस गया। जख़्मी दिल के ज़ख्मो से तमाम, तेज़ाब कोई जो सरेराह अब बरस गया।। याद आई बिछुड़े महबूब की जब जब अपने, बेदर्द यह ख़ूनी सावन भी तब तब गरजा बेहिंतिया और टूट कर बरस गया। देख कर तड़प एक […]

March 10, 2019
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एहसास // Feelings

वो जो कहते है उन्हें आजकल अच्छी कहानिया नही मिलती पढ़ने को, चलचित्र पर अदायगी करने एव करवाने को, जी जनाब यह भी एक सत्य है अत्यंत ही क्रूर के आजकल अच्छी कहानियों को भी कहा मिल पाते है सहज से प्रकाशक, पाठक एव प्रायोजक जो पहुचा सके उन्हें उनके वास्तविक हक़दार तक। और वो […]