रक्षा बंधन।

भाव-व्यवहार में है जो सबसे प्यारा, रक्षाबंधन का त्यौहार निराला। एक धागा, एक दुआ है जो, रिश्ता ये प्यार का ह्र्दय भाव से सबसे प्यारा।। हर नारी, हर एक कन्या, उनके हर एक आँचल से, बरसता अमृत है जो। वो ममता, वो स्नेह, मिलता है हर भाई को, एक आशीर्वाद अनमोल है जो।। खिल खिलौने,Continue reading “रक्षा बंधन।”

💥 Recovery Man Author Vikrant Rajliwal

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Dear Loved One’s,My First Introduction video is uploaded now!

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जीवन चक्रव्यूह। / Life Cycle.

💥जीवन चक्रव्यूह। (Translation in english is below.)  ये जीवन एक रण क्षेत्र और जीवन से जुड़े प्रत्येक मार्ग जब द्रोण द्वारा रचित चक्रव्यूह के समान ही प्रतीत होते हुए, आपको प्रत्येक क्षण एक धर्म युद्ध लड़ने के लिए विवश करें! यदि आपके समीप गुरु कृष्ण के समान कोई गुरु ना हो? आपके कंधे पर वीरContinue reading “जीवन चक्रव्यूह। / Life Cycle.”

निवास स्थान है पाताल लोक अभी हमारा। (छंद काव्य) विक्रांत राजलीवाल।

निवास स्थान है पाताल लोक अभी हमारा, नाम अज्ञात है पता लापता अभी हमारा। मोह माया है मिथ्या जगत जो समस्त ये अनन्त हमारा, लक्ष्य मोक्ष है साधना तप तपस्या, उद्देश्य जीवन का हमारा।। हर कदम है व्यहू चक्र से पीड़ित अभी हमारा, तूणीर रिक्त है  बाणों से, साथ शत्रु की छाया, कोटनीति छल कपट,Continue reading “निवास स्थान है पाताल लोक अभी हमारा। (छंद काव्य) विक्रांत राजलीवाल।”

एक सत्य अनुभव।

जब एक 16 वर्षीय बालक सुधार के मार्ग का महत्व महसूस करते हुए उस पर चलने का निर्णय करता है। उस समय उसकी वह छवि जिसके साथ वह अपना जीवन व्यतित कर रहा था एकदम से बदल जाती है और उसको एक अंजाने भय से भयभीत करते हुए तोड़ कर रख देती है। उस समयContinue reading “एक सत्य अनुभव।”

💥 एक एहसास! सत्य से प्रेरित है जो। (विक्रांत राजलीवाल) ✍️

अक्सर कई बार कई चिरपरिचित एवं अलग अलग व्यक्तित्व के व्यक्ति अक्सर मुझ से पूछते है कि विक्रांत राजलीवाल जी आप अभी कुछ समय पूर्व तक अनपढ़ 2008 तक(10th pass) की श्रेणी में थे। और आपको 2004 मे लगभग 19 महीने तक पुनर्वासकेन्द्र (रिएबीटेशन सेंटर) में रहना पड़ा था! यहाँ वर्ष की वास्तविक स्थिति काContinue reading “💥 एक एहसास! सत्य से प्रेरित है जो। (विक्रांत राजलीवाल) ✍️”

रहे आबाद ये दुनिया। (ग़ज़ल) *एक नए शेर के साथ।* With #FacebookLive और YouTube recorded video.

रहे आबाद ये दुनिया। (ग़ज़ल) आज के इस कठिन और जटिल दौर में अपनी पूर्व प्रकाशित एवं अपलोड कविता 💥 भय मुक्त क्रोना से। के बाद अब इस बढे हुए लॉक डाउन के अत्यधिक जटिल समय मे मैंने यानी कि विक्रांत राजलीवाल ने एक और जनजागरूकता से पूर्ण जंजागृक ग़ज़ल रहे आबाद ये दुनिया। (ग़ज़ल)Continue reading “रहे आबाद ये दुनिया। (ग़ज़ल) *एक नए शेर के साथ।* With #FacebookLive और YouTube recorded video.”

💥 कुछ सेवा कार्य एवं कुछ नेक कार्य। 🙏/ 💥 Some service work and some noble work. 🙏 #KronaFree

👥 एक दर्द। (क्रोना एक, दर्द अनेक।)/👥 A Pain. (Crona is a but pain many.)

हमने पूछा जो एक राहगीर से कि लॉक डाउन में क्या करते हो आज कल! वह मुस्कुरा कर रोने लगा; बगल में उसके एक फावड़ा था जो, आँखों से बहते आँसुओ से बेबसी के उसके वो, बेबसी से भीगता रहा।  जी हां वो मजदूर था मेरे देश का, जो दूर अपनो से तड़पते हुए ,Continue reading “👥 एक दर्द। (क्रोना एक, दर्द अनेक।)/👥 A Pain. (Crona is a but pain many.)”

👥 भय मुक्त क्रोना से। With #FacebookLive & #YouTube video. #StayHomeSafeHome

आओ करे पालन हम लॉक डाउन का, मात दे संक्रमण क्रोना को, पाए जीवन स्वास्थ्य हम अपना, पालन सावधानियों का हम करे। धोएं हाथ बारम्बार हम अपने, स्वास्थ्य रहे, मस्त रहे,  फहराए विजय पताका हम क्रोना पर,  योग-ध्यान-प्राणायाम करें।। स्टेटस क्रोना देख कर ना घबराना, दृढ़ संकल्प, स्वास्थ्य दिनचर्या से जीवन मे अपने आगे हमेशाContinue reading “👥 भय मुक्त क्रोना से। With #FacebookLive & #YouTube video. #StayHomeSafeHome”