Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतंत्र लेखक-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।-स्वतंत्र लेखक-

Mar 29, 2019
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

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सत्य है। // Its True.

अपने जीवन के संघर्ष का दृढ़तापूर्वक सामना करना एव उन पर विजय प्राप्त करना ऐसे ही है जैसे कि सूर्य और प्रकाश। यह दोनों ही तथ्य एक दूसरे के पूरक है। एव एक की अनुपस्थिति में दूसरे की उपस्थिति हो ही नही सकती। इसीलिए जब हम अपने जीवन के संघर्षो का सामना करते है तो […]

Mar 29, 2019
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एक आभार। // Gratitude.

मेरे साधारण से जीवन को बदल कर एक सकरात्मक दिशा प्रदान करने वाले मेरे गुरुदेव श्री सुरेश सैनी जी का मैं अपने ह्रदय से आभार व्यक्त करता हु जिन्होंने अपनी संस्था सवेरा फाउंडेशन के माध्यम द्वारा वर्ष 2003-04 में मुझ को एक उचित आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान किया। आज अगर मैं जीवित हु और कुछ सोच […]

Mar 23, 2019
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🇮🇳 23 मार्च।

🇮🇳 23 मार्च के दिन, शहीद-ए-आजम भगतसिंह, सुखदेव एव राजगुरु के शहीदी दिवस पर मैं विक्रांत राजलीवाल उन्हें समानपूर्वक एक भावविभोर श्रधांजलि अर्पित करता हु। इसके साथ ही उनके बुलंद नारे इंकलाब जिंदाबाद के द्वारा आज के भृष्ट होती राजनीती की मृत होती आत्मा को जीवंत करने हेतु एक बुलंद आव्हान करता हु। इंकलाब जिंदाबाद, […]

Mar 16, 2019
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😠 जिंदा। // 😠 Alive

खुद की हिम्मत पर रखते है आज भी हम उतना ही यकीन, की हर विरोधियों को अपने अपनी एक खामोशी से आज भी कर देते है क़त्ल हम। ना समझना बूत कोई बेजान हमे की भूल तुम्हारी ये तुम्हे, कर ना दे बर्बाद, हर चाल, हर दग़ा, हर वॉर घिनोना तुम्हारा कर न दे खुद […]

Mar 15, 2019
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🇮🇳 मुद्दा गर्म है।

कुछ लोग कहते है कि 2019 का मुद्दा है बेरोजगारी, कोई कहता है कि शिक्षित युवा की शिक्षा के पीछे लक्ष्य नही है इसीलिए बेरोजगारी है। मैं यह कहता हु कि दुख इस बात का नही है कि हर सभ्य समाज की नींव समझे जाने वाले अधिकतर शिक्षित युवा वर्ग हर बार प्रतियोगिता परीक्षा में […]

Mar 15, 2019
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💥 एक ऊर्जा // 💥 An Energy

अक्सर हम अपने जीवन कि जटिल परिस्थितियों से जब भी आहत होते है तो हमेशा ही नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव से अंदर से कुछ टूट से जाते है। एव उस नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव से हमे इस संसार में हर ओर दिखाई देती है केवल और केवल एक नकरात्मकता। अत्यंत ही भाग्यशाली एव कर्मठ होते […]

Mar 14, 2019
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एक ज्ञान // An Knowledge

मित्रों से अधिक निंदकों के बीच रहने से हमको हमारे गुण एव अवगुण सहज ही ज्ञात हो जाते है। विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। Staying in the midst of more slanders than friends, we become easily known to our qualities and avatars. Written by Vikrant Rajliwal 14/03/2019 at 9:15pm