Writer & Poet Vikrant Rajliwal

Poetry, Shayari & Article's by Vikrant Rajliwal

Dec 31, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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एक सूचना।

मित्रों किन्ही निजी कारणों से आज अपने youtyube चैनल पर Live नही आ सकूंगा। परन्तु अति शीघ्र ही अपनी एक बहेत्रिन नज़्म के साथ पुनः अपने और आप सबके youtube चैनल Vikrant Rajliwal के माध्यम से अपने रचनाओं को आप तक पहुचने का एक प्रयास अवश्य करूँगा। धन्यवाद। विक्रांत राजलीवाल।

Dec 30, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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एक सूचना।

नमस्कार प्रियजनों, अति शीघ्र ही मैं आपका अपना मित्र विक्रांत राजलीवाल आपके अपने YouTube चैनल Vikrant Rajliwal पर 31 दिसम्बर को रात्रि 8:30 बजे अपनी प्रथम प्रकाशित पुस्तक एहसास से अपनी एक बहेत्रिन दर्दभरी रचनात्मक काव्य किस्सा का ^प्रथम भाग^ का पाठन करूंगा। जिसका शीषर्क है ^निर्दोष धड़कन^। धन्यवाद। विक्रांत राजलीवाल (आप सभी प्रियजन मेरी […]

Nov 27, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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🙏 एक सूचना।

मित्रों जेसा की मेने आपको कुछ समय पूर्व सूचित किया था कि एक अति महत्वपूर्ण पारिवारिक समारोह के कारण मैं इस शुक्रवार को Live नही आ सकूंगा परन्तु मुझ को अत्यंत खेद है कि अत्यंत निजी कारणों के चलते मैं शनिवार को भी Live नही आ सका। परन्तु अब अति शीघ्र ही आप सभी प्रियजनों […]

Nov 22, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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एक सूचना।

नमस्कार मित्रों, अचानक से एक अति महत्वपूर्ण परिवारिक समारोह के इस शुक्रवार रात्रि होने के कारण मैं अपनी आगामी अति रोमांचक अभी तक की एक अप्रकाशित नवीन रचना, एक काव्य व्यंग्य किस्सा *मंत्री जी* को अब शुक्रवार के स्थान पर शनिवार रात्रि 9:00 बजे आपके अपने Youtube चैनल Vikrant Rajliwal पर सिर्फ और सिर्फ आपके […]

Nov 19, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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🙏 एक सूचना।

नमस्कार प्रिय पाठकों एव हर दिलाज़िज़ श्रुताओं, मित्रों आ रहा हु इस शक्रवार रात्रि 9:00 बजे Live आपके अपने YouTube चैनल Vikrant Rajliwal पर अपनी एक आगामी अप्रकाशित नवीन काव्य व्यंग्य रचना मंत्री जी के साथ सिर्फ और सिर्फ आपके लिए। कृपया समय से आप सभी प्रियजन आपके अपने यूट्यूब चैनल Vikrant Rajliwal से जुड़ […]

Nov 18, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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💥 अधिकार है।

इस समस्त संसार मे हर शिशु का है जन्म सिद्ध यह अधिकार। शिक्षा दीक्षा ज्ञान संस्कार मिले उसको भी विकास का अपने अधिकार।। विक्रांत राजलीवाल द्वारा (स्वम् के द्वारा) लिखित उपरोक्त काव्य पन्ति विक्रांत राजलीवाल ( स्वम् के) जी का एक सत्य अनुभव, एक एहसास, एक बदलाव का प्रयास है जो उनके निजी जीवन संघर्ष […]

Nov 17, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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💥 एहसास…🕊

अक्सर इस संसार में संसारी व्यक्ति एव रिश्ते बदलते मौसम के समान बदल जाते है। कभी वह आपको स्वम् के प्रति अत्यंत क्रूर एव कभी अत्यंत सौम्य प्रतीत हो सकते है। इसमें उनका कोई भी दोष नही यह सब बदलते मौसम का असर होता है साहब? मौसम! यह कोई बरसाती या प्राकृतिक मौसम नही है […]