Author, Writer, Poet, Drama and Story Writer Vikrant Rajliwal

Poetry, Shayari, Gazal, Satire, drama & Articles Written by Vikrant Rajliwal

August 20, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

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💥 VIKRANTRAJLIWAL.COM AND MY SPIRITUAL PROGRAM (NA) ✍️

In the last few days, some inspirational ideas and articles written by my pen on various platforms of social media to promote my blog site vikrantrajliwal.com and my spiritual program. बीते कुछ दिवसों में अपनी ब्लॉग साइट vikrantrajliwal.com एवं अपने आध्यात्मिक कार्यक्रम के प्रचार प्रसार हेतु सोशल मीडिया के अनेक मंचो पर मेरी कलम के […]

August 19, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

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💥 एक सत्य। 4 (चौथा ब्लॉग) सत्य घटनाओं पर आधारित एक अलौकिक सत्य।

अब तक आपने जाना कि कैसे वर्ष 2003-04 में एक कच्ची उम्र से गुजरते हुए कैसे मेरे तुच्छ से जीवन मे एक महत्वपूर्ण परिवतर्न आया और उस दिन का प्रारम्भ कैसे और किन विचारों के साथ हुआ। एवं किस प्रकार मैं अपने पुलिसिया सरकारी क्वाटर से निकल कर मंडी (एशिया की सबसे बड़ी फल एवं […]

August 10, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

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💥 ONE Truth One Experience.

💥 You first need knowledge. And even after attaining a proper knowledge, you can teach or learn the style of living this human life only through your own experiences. As far as I have understood this simple human life of my own, I have come to know that it is only the personal experience of […]

August 10, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

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💥 एक सत्य एक अनुभव।

💥 आपको सर्वप्रथम ज्ञान की आवश्यकता होती है। एवं एक उचित ज्ञान प्राप्ति के उपरांत भी आप अपने स्वंय के अनुभवों से ही इस मनुष्य जीवन को जीने की शैली सिख सकते है या सिख पाते है। मैने जहा तक अपने इस साधारण से मनुष्य जीवन को समझा है तो यही जाना है कि मनुष्य […]

August 8, 2019
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💌 सक्रिय ब्लॉग “दास्ताँ” एवं तथ्य। 🌹✍️

💌 सक्रिय ब्लॉग “दास्ताँ” एवं तथ्य। 🌹✍️ मैंने यानी कि विक्रांत राजलीवाल ने वर्ष 2015 अक्टूबर में हम सब के सभ्य समाज के जटिल और कठोर होते सम्सजिक ढांचे एवं मानवता के प्रति जटिल एवं कठोर होते भाव व्यवहारों पर अपनी 25 अति संवेदनशील कविताओं के द्वारा एक प्रहार करने का एक प्रयास किया था। […]

August 5, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

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💥 Development and Destruction (Translated)

You should know carefully that nothing is received in this life for free. You must pay a reasonable price for every discipline of every person and every dignity. Sometimes its results are positive, sometimes its results can also be negative. Its decision becomes confirmed by the results of your actions. If you have the courage […]