Author, Writer, Poet, Drama and Story Writer Vikrant Rajliwal

Poetry, Shayari, Gazal, Satire, drama & Articles Written by Vikrant Rajliwal

August 21, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

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एक हक़ीक़त।

सुलगते हर एहसासो से अपने सुलगता सा जा रहा हु मैं। बिखरते हर अरमानो से अपने बिखरता सा जा रहा हु मैं।। दिख जाता है आईना आज भी जब मुझे, बतलाता है दर्द तन्हाई का अपनी एक ख़ामोशी से मुझे। हक़ीक़त है जो हक़ीक़त नही, हर हक़ीक़त को करता बयां एक हक़ीक़त से वो मेरी […]

August 20, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

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Thank’s For 200+ Love and Blessings.

🌹 200 + my heartfelt gratitude to all your friends for your precious love and blessings, 200+ heartfelt friends for subscribing to your heart. Please keep your love and blessings on your friend Vikrant Rajliwal’s pen and yourself on him. Your own friend Vikrant Rajliwal. 20 August 9:35 pm 🌹 200+आपका अनमोल प्रेम एव आशीर्वाद […]

August 20, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

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💥 VIKRANTRAJLIWAL.COM AND MY SPIRITUAL PROGRAM (NA) ✍️

In the last few days, some inspirational ideas and articles written by my pen on various platforms of social media to promote my blog site vikrantrajliwal.com and my spiritual program. बीते कुछ दिवसों में अपनी ब्लॉग साइट vikrantrajliwal.com एवं अपने आध्यात्मिक कार्यक्रम के प्रचार प्रसार हेतु सोशल मीडिया के अनेक मंचो पर मेरी कलम के […]

August 19, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

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💥 एक सत्य। 4 (चौथा ब्लॉग) सत्य घटनाओं पर आधारित एक अलौकिक सत्य।

अब तक आपने जाना कि कैसे वर्ष 2003-04 में एक कच्ची उम्र से गुजरते हुए कैसे मेरे तुच्छ से जीवन मे एक महत्वपूर्ण परिवतर्न आया और उस दिन का प्रारम्भ कैसे और किन विचारों के साथ हुआ। एवं किस प्रकार मैं अपने पुलिसिया सरकारी क्वाटर से निकल कर मंडी (एशिया की सबसे बड़ी फल एवं […]

August 18, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

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💥 नया ज़माना।

नया ज़माना कविता को मैने कुछ संशोधित कर उसमें चंद भावुक पंक्तियों की बढ़ोतरी करि है। आशा करता हु आपको पसंद आए। 💥 नया ज़माना। बढ़ा कर हाथ, हट जाना पीछे को, चलन हैं आज-कल ये नए जमाने का। मुस्कुरा कर चरित्र उछालना यारो का, दौर हैं आज कल ये नये ज़माने का।। जता कर […]