Author, Writer, Poet, Drama and Story Writer Vikrant Rajliwal

Poetry, Shayari, Gazal, Satire, drama & Articles Written by Vikrant Rajliwal

August 12, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

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🌹 एक दीवाना। (दास्ताँ के तहत दूसरी दर्द भरी दास्ताँ)

एक दीवाना मेरे द्वारा लिखी गई मेरे उन अनकहे एहसासों को बयां करती है जो कभी भी एक मुक्कमल अंजाम तक ना पहुच सकें। और जिन्हें चाह कर भी मैं कभी किसी के साथ बयां ना कर सका। उम्मीद करता हु शायद आप तक मेरे वह एहसास पहुच सके। और आपको मेरी नज़म श्रृंखला के […]

August 8, 2019
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💌 सक्रिय ब्लॉग “दास्ताँ” एवं तथ्य। 🌹✍️

💌 सक्रिय ब्लॉग “दास्ताँ” एवं तथ्य। 🌹✍️ मैंने यानी कि विक्रांत राजलीवाल ने वर्ष 2015 अक्टूबर में हम सब के सभ्य समाज के जटिल और कठोर होते सम्सजिक ढांचे एवं मानवता के प्रति जटिल एवं कठोर होते भाव व्यवहारों पर अपनी 25 अति संवेदनशील कविताओं के द्वारा एक प्रहार करने का एक प्रयास किया था। […]

August 4, 2019
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दर्द ए जिंदगी।

दर्द जिंदगी का जब हर हद को पार कर जाएगा, ये दीवाना गीत मोहब्बत के तब भी गुनगुनाएगा। भुला कर हर बेरुखिया ए मोहब्बत जो सितम उनका, हर दर्द ए जिंदगी ये दीवाना सीने से अपने तब लगाएगा।। मिटते हर निसान जिंदगी के जब सिमट कर मिट जाएंगे, बुझते हर चिरागों को रोशनी ये दीवाना […]

July 22, 2019
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🌹 एक इंतज़ार… महोबत। (दर्दभरी नज़्म श्रंखला दास्ताँ के तहत मेरी पहली नज़्म दास्ताँ) With the video link of my YouTube channel

❣️ मेरी इस दर्दभरी नज़्म दास्ताँ एक इंतज़ार…महोबत। को मैने स्वंय की आवाज़ और अंदाज़ ए बयानगी के साथ रिकॉर्ड कर के आज ही अपने YouTube चैनल Vikrant Rajliwal पर अपने सभी चाहने वालो के लिए अपलोड किया है। मेरी एक दर्दभरी नज़्म दास्ताँ का स्वयं मेरी आवाज में रिकॉर्डिड मेरी एक नवीनतम वीडियो का […]

July 9, 2019
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🙃 “मसखरे” (REBLOG WITH YOUTUBE VIDEO LINK)

एक समय की बात हैं। कुछ मसखरे एक टटू ठेले में सूट बूट पहन कर कहि कार्यक्रम पेश करने को जा रहे थे। नही नही शायद कहि से आ रहे थे। तभी एक मसखरा जिसने शायद कुछ मदिरा पी हुई थी दूसरे मसखरे के पैर पर पैर रखते हुए उसे कोंचते हुए, हँसते मुस्कुराते हुए […]

July 6, 2019
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ज़िन्दगी

हर तन्हा कदम आपका हौसले से भरा, मिला देगा जल्द ही काफ़िला तुम्हे खोया हुआ। जो ना हो साया साथ अपना कोई, तो गम ना कर, हर तन्हाइयों से महोबत को गले लगा लेगा अपने दीवाना।। हर आहत से अनजानी, छुटती सी मेरी कलम, टूटते हर एहसासों से तड़प जाती है मेरी कलम। हर वाक्या […]

June 10, 2019
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रेप। / Rape

रेप! कहने को तो एक शब्द होता है। परन्तु इस शब्द रेप की वास्तविकता अत्यन्त ही भयानक होती है। रेप और रेपिस्ट? क्या रेप करने वाला ही रेपिस्ट होता है या जिन्होंने वह अनैतिक हालात उतपन किए क्या कहि ना कहि वास्तविक दोषी वही तो नही होते? यदि उन व्यक्तियों ने, जिन्होंने एक मासूम को […]