Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतन्त्र लेखन-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। -स्वतंत्र लेखन-

Apr 1, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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❤️ दर्द ए दिल।

🌹हमें कहते है के नही कोई गिला हमें जो शिक़वा है तुमसे, बहारों की नही कोई तम्मना, वीरानों के करते नही है हमें ख्वाहिशें। अभी जो आपने देखे है महोबत के निगाहों से, के हमें भी क़त्ल करने के शौक ऱखते है।। विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। (पुनः प्रकाशित) 🌹Hme kahete he ke nahi koi gila […]

Mar 24, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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🌹विक्रांत राजलीवाल एक परिचय।🙏

नमस्कार प्रिय पाठको एव ह्रदय अज़ीज़ श्रुताओं, अक्सर कुछ व्यक्ति मुझ से संदेशक एव e mails के द्वारा मेरा परिचय पूछते है तो उन सभी महानुभवों समेत अपने समस्त चाहने वालो के लिए मैं पुनः अपना एक लघु परिचय यहाँ उपलब्ध करवा रहा हु। मित्रों मैं एक स्वतंत्र लेखक, कवि, शायर एव कहानीकार-नाटककार हु। मेरी […]

Mar 19, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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🍂 लम्हें।

अपने दिल में छुपा कर रखता हूं बहुत से मैं एहसास, के आज भी ये दिल मेरा एक धड़कती धड़कन को रोता है। गर ज़िन्दगी को जीना एक ज़ुल्म है तो ये सांसे क्यों हर लम्हा जिंदा ज़िन्दगी को धड़का कर जाती है।। खो गया हूं पा कर के कुछ तो खुद सा खुद के […]

Mar 16, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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💏 महोबतें

अब वो महफिले ना रही, अब वो हुनरबन्ध क़लमकार भी कहा दिखते है जमाने में। सुनते थे कभी जो बुज़ुर्गो से अपने कि लहू बहता था उन महफ़िलो में शायरी से शायरों के।। वो दौर, वो दस्तूर, वो ज़माना, जरूर रहे होंगे, बहता लहू भी जम जाता होगा हुस्न ओ इश्क़ के बाजारों में, वर्ना […]

Mar 16, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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🌹अश्क़।

महोबत से कायल है महबूब की वो अपने, लम्हा लम्हा मर्ज़ ए महोबत से घायल है महबूब की वो अपने। देखता है सूरत ए यार बेहद नज़दीक से वो अपने, करता है प्यार महबूब को बेहद नज़दीक से वो अपने।। हुस्न के वार से इश्क़ तड़प जाता है बेहिंतिया, उठ उठ कर सर्द रातो में […]

Mar 16, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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💏 Lover’s

Garden singing songs, flowers show dancing. Every lover in the moonlight in the night wants to meet each other .. Every sad heart from fragrance of love is also becomes jumpeed Every lover loves fulfillment with love, and gets satisfied by doing love. Through the heart of the heart, through the holy feelings, the heart, […]

Mar 16, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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💏 प्रेमी।

बग़ीचे गाना गाते है, फूल नाच दिखाते है। रात चांदनी में हर प्रेमी एक दूजे से मिलना चाहते है।। खुशबू प्रेम की पाकर के हर उदास ह्रदय भी झूम जाते है। हर प्रेमी प्रेम भावनाओं से तृप्ति प्रेम की कर प्राप्त तृप्त हो जाते है।। पवित्र भावनाओं से होकर के वशीभूत ह्रदय से ह्रदय, भाव […]