रक्षा बंधन।

भाव-व्यवहार में है जो सबसे प्यारा, रक्षाबंधन का त्यौहार निराला। एक धागा, एक दुआ है जो, रिश्ता ये प्यार का ह्र्दय भाव से सबसे प्यारा।। हर नारी, हर एक कन्या, उनके हर एक आँचल से, बरसता अमृत है जो। वो ममता, वो स्नेह, मिलता है हर भाई को, एक आशीर्वाद अनमोल है जो।। खिल खिलौने,Continue reading “रक्षा बंधन।”

🌹 बेगुनाह मोहब्ब्त। (दर्द ए मोहब्ब्त की एक दिलकश दास्ताँ) Republished with Facebook Live Video!

वक़्त की चादर पर जो अब एक गुनाह हो गया। समझा सनम को जो बेवफ़ा तो एक गुनाह हो गया।। दिल को उस के मासूम को एक इल्ज़ाम जो हमनें दे दिया। खुद ही मार कर दिल पर फिर ख़ंजर ख़ूनी जो दिल रो दिया।। जिस्म से बूढ़ा अब अपने जो हो गया हूं। झुर्रियोंContinue reading “🌹 बेगुनाह मोहब्ब्त। (दर्द ए मोहब्ब्त की एक दिलकश दास्ताँ) Republished with Facebook Live Video!”

एक एहसास-ज़िंदगी।

ज़िंदगी की कसौटियों से रूबरू होती हुई एक ग़ज़ल।

💥 Recovery Man Author Vikrant Rajliwal

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Dear Loved One’s,My First Introduction video is uploaded now!

Video link is mentioned in below!

https://youtu.be/oEdfhLIaUwE

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https://youtu.be/oEdfhLIaUwE 🙏💖💖

💥 एक एहसास! सत्य से प्रेरित है जो। (विक्रांत राजलीवाल) ✍️

अक्सर कई बार कई चिरपरिचित एवं अलग अलग व्यक्तित्व के व्यक्ति अक्सर मुझ से पूछते है कि विक्रांत राजलीवाल जी आप अभी कुछ समय पूर्व तक अनपढ़ 2008 तक(10th pass) की श्रेणी में थे। और आपको 2004 मे लगभग 19 महीने तक पुनर्वासकेन्द्र (रिएबीटेशन सेंटर) में रहना पड़ा था! यहाँ वर्ष की वास्तविक स्थिति काContinue reading “💥 एक एहसास! सत्य से प्रेरित है जो। (विक्रांत राजलीवाल) ✍️”

रहे आबाद ये दुनिया। (ग़ज़ल) *एक नए शेर के साथ।* With #FacebookLive और YouTube recorded video.

रहे आबाद ये दुनिया। (ग़ज़ल) आज के इस कठिन और जटिल दौर में अपनी पूर्व प्रकाशित एवं अपलोड कविता 💥 भय मुक्त क्रोना से। के बाद अब इस बढे हुए लॉक डाउन के अत्यधिक जटिल समय मे मैंने यानी कि विक्रांत राजलीवाल ने एक और जनजागरूकता से पूर्ण जंजागृक ग़ज़ल रहे आबाद ये दुनिया। (ग़ज़ल)Continue reading “रहे आबाद ये दुनिया। (ग़ज़ल) *एक नए शेर के साथ।* With #FacebookLive और YouTube recorded video.”

रहे आबाद ये दुनिया। (ग़ज़ल)

रहे महफूज़ ये दुनिया, घरों में रोक लो दुनिया, बचा लो खुद को क्रोना से, रहे आबाद ये दुनिया। घिर आई घटा है जो, जहरीली जहरीली, दम घोट देगी वो, धड़कने रोक देगी वो, हो कर दूर दुनिया से, बचा लो ये दुनिया।। वो खुली हवा, वो आज़ादी, जल्द ही लौट आएगी, देखना एक रोज़Continue reading “रहे आबाद ये दुनिया। (ग़ज़ल)”

मेरे प्रथम रैप (Rap Music) की चंद लाइंस। (Full song very soon!)

आज रैप म्यूजिक लिखने का एक प्रयत्न किया। अभी चंद ही लाइंस लिखी है जल्द ही सम्पूर्ण गाना आपके लिए पब्लिश्ड करूंगा। रैप गीत। अभी तूने कुछ देखा नही, अभी तूने कुछ जाना नही। मुझे ठीक से भी तूने अभी जो पहचाना नही। चल हट, पीछे हट, बाजू हट। हमने ही जमाने को जीना सिखलायाContinue reading “मेरे प्रथम रैप (Rap Music) की चंद लाइंस। (Full song very soon!)”