Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतन्त्र लेखन-

Poetry, Kavya, Shayari, Sings, Satire, drama & Articles Written by Vikrant Rajliwal

May 4, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

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हमे देख कर हौसला भी…(पढ़िए सम्पूर्ण रूप से प्रथम बार)

हमे देख कर हौसला भी खुद हौसले को अपने अक्सर जांचने लग जाता है यहाँ। पता है उसे भी कि हमने ही मुर्दा सांसो को किया है जिंदा जो कइयों की यहाँ।। ना करना गरूर उचाईयों पर अपनी कोई, हर उचाईयों को सिमट कर कदमों पर गिरते देखा है हमने यहाँ। चल सको तो ए […]

May 1, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

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🎭 एहसास

आसमां का रंग बदल जाएगा, बदलते हर एहसासों से मेरे यहाँ। देखना बदलने ना पाए एहसास कोई, बदलते रंग से आसमां के मेरे यहाँ।। नसीब की बाजी अक्सर मैं हारता ही रहा हु, जमीन चलने के लिए जो कम सी मिली है मुझ को यहाँ। हर हारी बाजी से हार गया है जो, कह दे […]

April 28, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

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💏 पनघट।

पनघट किनारे देखन मोह को चोरी चोरी शाम पधारे, ओ री मोरी सखी, ओ री मोरी सहेली। अंखियन में उनके प्रेम अठीहेली, प्रेम करन को उनको जी मोरा ललचाए, ओ री मोरी सखी, ओ री मोरी सहेली।। बांध कमर से आयो बांसुरी वो अपने सुरिली, छेड़ दियो पनघट से राग कोई फिर मनोहरी, ओ री […]

April 28, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

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💗 अश्क़।

खो सी गई है आजकल वो ख़ुशबो अपनी अपनी सी दूर कहि, अब तो हर अंदाज़ भी काफ़िर काफ़िर से नज़र आते है उनके। वो जो कहते है ना जिसे महोबतें, हमने बहुत करीब से देखे है एहसास वो उनके। बेवफ़ाई एक फ़ितरत सी नज़र आती है उनकी, हर लव्ज़ एक क़यामत के बोल वो […]

April 22, 2019
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💥 जागरूक नागरिक कर आंकलन राजनेताओं का प्रकाश सत्य से…🇮🇳

जागरूक नागरिक कर आंकलन राजनेताओं का प्रकाश सत्य से, तदुपरांत चित शांत से व्यवहार मत का बदल देगा तस्वीर बिगड़ी हर तकदीर। दृढ़ संकल्प विशवास स्वम का स्वम पर कर धारण, चल राह सत्य से, ज्ञान स्वम् का, निर्भयता से मुक्त निर्भरता, चुनाव ईमानदारी का ईमान से।। कर देगा दूर हर भर्ष्टाचार हर भृष्ट व्यवस्था, […]

April 18, 2019
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ज़िन्दगी।

कुछ लम्हो को ज़िन्दगी से लहुलुहान चुरा कर लाया हूं ज़िन्दगी। हर सितम ज़िन्दगी से खुद जिंदगी को तबाह कर आया हु ज़िन्दगी।। उन्होंने जो कहा ही नही उस को भी सुन कर आया हु ज़िन्दगी। हर एहसास रूह से अपने मिटा कर उनके आया हु ज़िन्दगी।। ये वख्त बदल सकता है हर एहसास बदल […]

April 18, 2019
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🌄सुप्रभात मित्रों। // 🌄Good Morning Friends.

🌅सुप्रभात मित्रों। जीने की चाहत ही जिंदगी के होने की एक मात्र निशानी है। हर धड़कती धड़कन में धड़कती जो जिंदगी वो सिर्फ तुम्हारी है।। विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखत। प्रकाशन समय ब्लॉग साइट पर 18/04/2019 at 7:47 am 🌄 Good morning friends. The desire to live is the only sign of life. Every throbbing beats […]