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🌹 शायरी। (विक्रांत राजलीवाल की कलम से।)

💔 ना जिन्हें दिन को है सकूँ साँसों में; ना रातों को है आराम। हम है वो जो रहते है हर लम्हा लेकर धधकती धड़कनों में सुलगता एक  अंगार।। विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। 🌹 टूटा गुलाब, बिखुड़ी जो पंखुड़ियां; हर जख्म महोब्बत के नासूर हो गए।याद में एक सितमगर कि ए दोस्त; हम जीते जीContinue reading “🌹 शायरी। (विक्रांत राजलीवाल की कलम से।)”

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🎻 एक दर्द। (दर्दभरी नज़म) *पुनः प्रकाशित*

नही आती है नींद दीवाने को क्यों आज-कल। भूल गया है रंगीन हर ख़्वाब वो क्यों आज-कल।। हो गया है खुद से ही बेगाना वो क्यों आज-कल। रह गया है तन्हा भरे संसार में वो क्यों आज-कल।। लेता है रुसवा बेदर्द रातो में नाम वो किसका आज-कल। तड़पता है देख हाल ए दीवाना सा वोContinue reading “🎻 एक दर्द। (दर्दभरी नज़म) *पुनः प्रकाशित*”

एहसास। (ग़ज़ल)

हम लिखते है, हम गाते है, हम गीत खुशियों के गुनगुनाते है। साथ पल दो पल का नही, ये एहसास ह्रदय से खनखनाते है।। मौसमो की बारिश नही, ये अश्क़, यादों की एक निशानी है। हर पल एहसासो को अपने संजोए, हर दर्द, हर दास्ताँ, मोहब्ब्त की एक कहानी है।। आज फिर से तेरी यादContinue reading “एहसास। (ग़ज़ल)”

दर्द ए जिंदगी। (पुनः प्रकाशित)

जब खाई शिखस्त हमनें, अपनो के हाथों ही खाई, नही पाए पहचान जो हाथ वो खंजर उतारा दिल मे बेदर्दी से जो गया। हो कर बेपरवाह ज़िन्दगी से, सलूख ज़िन्दगी के हम सीखते रहे, जान हर सलूख जिंदगी के, जान जिंदगी की निकलती रही।। दर्द हर हक़ीक़त का करते रहे जान कर भी नज़रंदाज़ हमContinue reading “दर्द ए जिंदगी। (पुनः प्रकाशित)”

शराबों। (पुनः प्रकाशित)

ना वो प्याला रहा सलामत, ना वो दौर ए दस्तूर ही रह पाया कायम, बदलते समय से बदल गए हर यार यहाँ। देखें इस दुनियां में यार बहुत, ढूंढे ना ढूंढ़ पाए फिर भी यार शराबों सा हम यार यहाँ।। हर घुट से उतरता ज़हर, घुट घुट से चढ़ता ज़हर, तासीर है तिलस्मी, जिसका हरContinue reading “शराबों। (पुनः प्रकाशित)”

🌹 कार्य, अनुभव एवं परिचय। ✍️(https://vikrantrajliwal.com)

नमस्कार मेरा नाम विक्रांत राजलीवाल है। मै हरित विहार बुराड़ी दिल्ली 84 भारत में रहता हूं। और मुझ को नई नई कहानियां, नाटक, सँवाद, किस्से, गीत, ग़ज़ल, नज़म, लिखना अत्यंत ही पसन्द है। और मैं अपने ह्रदय से इच्छुक हु की आपके साथ जुड़ सकूँ। एवं अपनी लेखन कला (कहानियां, सँवाद, नाटक, गीत ग़ज़ल) सेContinue reading “🌹 कार्य, अनुभव एवं परिचय। ✍️(https://vikrantrajliwal.com)”

💥 एक सेवा। // 💥 A Social Service.

🕊️🙏 यदि आप गरीब बच्चों, नशे से पीड़ित बच्चों, बीमार बच्चों के साक्षरता, स्वास्थ्य एवं बहेतर जीवन से सम्बंधित समाज कार्य करते है तो आप कभी भी मेरा चेरिटेबल नज़म, ग़ज़म, काव्य एवं शायरी का कार्यक्रम बिल्कुल मुफ्त करवा सकते है। इसके लिए मैं आपको कोई भी राशि नही लूंगा अपितु यकीन मानिए आप केContinue reading “💥 एक सेवा। // 💥 A Social Service.”

🌹 मोहब्ब्त करना हर एक हसीन गुलाब से, काटो को चूम कर सीने से लगाना। प्रेम पुजारी की प्रेम प्रतिज्ञा, हर हसीना को दिल मे बसाना, नैन लड़ाना गाना गाना।। हर तीर मोहब्ब्त के दिल चिर ना दे, परीक्षा प्रेमी के प्रेम की, धड़कने तुम्हारी ना रोक दे। दर्द जिंदगी के देख कर तुम मुड़Continue reading

❤️ दिल से।

💔 दिल, धड़कन, एहसास और जुदाई, सब के सब हर लम्हा हम अपने साथ लिए फिरते है। हर सबक एक एहसास है जिंदगी, और हर एहसास में हम अपनी जिंदगी को अपने साथ लिए फिरते है। विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। ✍️27 जनवरी 4:47 बजे।

विक्रांत राजलीवाल। (एक दर्द एक कहानी।)

मैं यानी की विक्रांत राजलीवाल, आपका अपना मित्र, जीवन के हर रूप को दर्शाती हुई, प्रेम और मित्रता के नाजुक से रिश्तों से झुझती हुई अपनी जिस दर्दभरी कहानी पर वर्ष 2016 से कार्य कर रहा था एवं जो कुछ दिन पूर्व ही अपने अंजाम तक पहुच सकी है। मेरी उस अनकही और अनसुनी दर्दContinue reading “विक्रांत राजलीवाल। (एक दर्द एक कहानी।)”