Author, Writer, Poet, Drama and Story Writer Vikrant Rajliwal

Poetry, Shayari, Gazal, Satire, drama & Articles Written by Vikrant Rajliwal

August 21, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

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एक हक़ीक़त।

सुलगते हर एहसासो से अपने सुलगता सा जा रहा हु मैं। बिखरते हर अरमानो से अपने बिखरता सा जा रहा हु मैं।। दिख जाता है आईना आज भी जब मुझे, बतलाता है दर्द तन्हाई का अपनी एक ख़ामोशी से मुझे। हक़ीक़त है जो हक़ीक़त नही, हर हक़ीक़त को करता बयां एक हक़ीक़त से वो मेरी […]

August 15, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

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🇮🇳15 अगस्त “स्वतँत्रता दिवस” के पवित्र दिन एक संदेश।

🇮🇳 🙏 सबसे पहले तो मैं आप सभी देशवासियों को “स्वतँत्रता दिवस” एवं “रक्षा बंधन” की हार्दिक शुभकामनाएं प्रदान करता हु। और अब बात करता हु मेरी काव्य कविता “राजनीति और धर्म” की जो मेरी प्रकाशित पुस्तक “एहसास” से मानवतावादी भावनाओं से प्रेरित होकर मैने लिखी थी। पुस्तक एहसास में सामाजिक, आध्यात्मिक एव मानवतावादी भावनाओं […]

August 14, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

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🕯️ बेगुनाह मोहब्ब्त। (दास्ताँ के तहत तीसरी दर्दभरी दास्ताँ)

बेगुनाह मोहब्ब्त मेरी आज तक कि समस्त दास्तानों में से एक ऐसी दास्ताँ है जिसको लिखते समय मै खुद भी अपने आँसुओ को रोक ना सका था। और आज अपनी या अब यह कहना अधित उचित होगा कि आपकी अपनी इस दास्ताँ को प्रकाशित करते हुए मैं फिर से बेहद भावुक हो रहा हु। अब […]

August 12, 2019
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🌹 एक दीवाना। (दास्ताँ के तहत दूसरी दर्द भरी दास्ताँ)

एक दीवाना मेरे द्वारा लिखी गई मेरे उन अनकहे एहसासों को बयां करती है जो कभी भी एक मुक्कमल अंजाम तक ना पहुच सकें। और जिन्हें चाह कर भी मैं कभी किसी के साथ बयां ना कर सका। उम्मीद करता हु शायद आप तक मेरे वह एहसास पहुच सके। और आपको मेरी नज़म श्रृंखला के […]

August 4, 2019
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दर्द ए जिंदगी।

दर्द जिंदगी का जब हर हद को पार कर जाएगा, ये दीवाना गीत मोहब्बत के तब भी गुनगुनाएगा। भुला कर हर बेरुखिया ए मोहब्बत जो सितम उनका, हर दर्द ए जिंदगी ये दीवाना सीने से अपने तब लगाएगा।। मिटते हर निसान जिंदगी के जब सिमट कर मिट जाएंगे, बुझते हर चिरागों को रोशनी ये दीवाना […]

July 9, 2019
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🙃 “मसखरे” (REBLOG WITH YOUTUBE VIDEO LINK)

एक समय की बात हैं। कुछ मसखरे एक टटू ठेले में सूट बूट पहन कर कहि कार्यक्रम पेश करने को जा रहे थे। नही नही शायद कहि से आ रहे थे। तभी एक मसखरा जिसने शायद कुछ मदिरा पी हुई थी दूसरे मसखरे के पैर पर पैर रखते हुए उसे कोंचते हुए, हँसते मुस्कुराते हुए […]

June 12, 2019
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Resolution Power. (Translated by Vikrant Rajliwal)

You need to have a positive feeling that you have wasted the precious time due to the misdeeds and misdeeds of your past, and by adopting the path of truth in the current era, while improving your own dilapidated person, Use of time and your persistence on that divine path can be a path of […]