Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतंत्र लेखक-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।-स्वतंत्र लेखक-

Feb 23, 2019
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

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👑 ह्रदय आभार

☄ विक्रांत राजलीवाल एक लेखक, कवि-शायर-नज़्मकार-गीतकार, नाटककार-कहानीकार एव स्वतंत्र विचारक। 🎤 आज मैं आपका अपना विक्रांत राजलीवाल आप सभी साहित्य एव काव्य-नज़्म,-शायरी, गीत-ग़ज़ल, व्यंग्य, किस्से, नाटक-कहानी-संवाद के प्रेमी पाठको एव श्रुताओं का अपनी अंतरात्मा स्वरूपी अपने ह्रदय के उन सच्चे भावो के द्वारा कोटि कोटि धन्यवाद व्यक्त करना चाहता हु। धन्यवाद मुझ जैसे एक अबोध […]

Feb 22, 2019
Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal -स्वतंत्र लेखक-

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🎤 Kavi Vikrant Rajliwal on YouTube

🌅 Good Morning Dear Ones, Friends have been searching for a suitable location for the live broadcasts of their upcoming YouTube channel Kavi Vikrant Rajliwal’s upcoming live show which is a painful story in my heart. If the appropriate time comes, you will get the information available before the date and time of this live […]

Feb 19, 2019
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🦁 शौर्य एव वीरता के प्रतीक भारतीय। ( इतिहास से अब तक के विरो एव शहीदों को नमन:)

नमस्कार प्रिय पाठकों एव ह्रदय अज़ीज़ श्रुताओं, आज दिनांक 19 फरवरी रात्रि 8:00 बजे,*वीर राजा छत्रपति शिवाजी की जयंती* पर मैं आपका अपना मित्र ^कवि विक्रांत राजलीवाल^ आपके अपने YouTube चैनल *Kavi Vikrant Rajliwal* पर Live आ कर *वीर छत्रपति शिवाजी* को उनकी जयंती पर, उनकी असीम वीरता एव शौर्यता के सम्मान स्वरूप, अपने देश […]

Feb 16, 2019
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🕊 सपूत।

ग़मगीन इस रात्रि की क्या कभी कोई सहर हो भी पाएगी। पूछता हूं मैं कि हो गया जिसका सपूत शहीद, कोई सहर उस माँ के भी आसुओ को कभी पोछ भी पाएगी।। हमे सुलाने को एक चैन की नींद, सो गया है वो। महफूज वतन को करने के लिए, शहीद हो गया है जो।। हर […]

Feb 15, 2019
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एक एहसास

रुकी हुई हवाओ से एहसास उठते किसी तूफान का है। खामोश है जो ये आसमां जरूर आज कोई बहुत रोने वाला है।। धड़कते धड़कते टूट ना जाए धड़कने, आज किसी अपने ने बहुत सताया है हमे। बहते हुए आँसुओ से लिख दी है जो दास्तान हमने, आज हर उस दास्तां को खुद ही मिटाना है […]

Feb 15, 2019
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आहत ह्रदय।

आहत ह्रदय सहज ही हो जाता है मेरा,छल्ली घावों को एक घाव नया मिल जाता है जब। कहने को है दुखद ह्रदय की व्यथा अनन्त, कुछ कहते, कुछ सुनते मगर भर जाए व्याकुल कंठ जब।। निर्मोही ये संसार हुआ, हर बात सियासत से हुए जब। एहसासों की बात नही, हर एहसास निरर्थक हो जाए जब।। […]

Feb 14, 2019
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अधूरा एहसास

जिस्म से रूह का रिश्ता है हमारी शायरी। एहसासों की एक ईमानदारी है हमारी शायरी।। हर एहसास मिलते है रूह से जब, होती है मुक़म्मल तब हमारी शायरी। हर दर्द को सकूं, ज़ख्मो को मरहम, होती है एक एहसास हमारी शायरी।। ये माना हमने के क़ातिल ये जहां है सारा, क़त्ल हर एहसासों का हर […]