Author, Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal

Poetry, Shayari, Gazal, Satire, drama & Articles Written by Vikrant Rajliwal

June 21, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

no comments

ONe Truth (2) (translated)

Often, whenever someone asks me what is the most important achievement of you in your life? So I say to them that even today I am alive and my heart is beating in a healthful manner, and this is what is the biggest achievement of my life so far. You must be wondering how? So […]

June 21, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

no comments

एक सत्य। (2)

अक्सर मुझ से जब भी कोई पूछता है कि आपके जीवन में आप कि अब तक की सबसे अहम उपलब्धि कौन सी है? तो मैं उन से सिर्फ इतना ही कहता हूं कि आज भी मैं जिंदा हु और मेरा दिल एक स्वास्थ्य रूप से निष्पाप भाव से धड़क रहा है ना जो, यही है […]

June 12, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

no comments

Resolution Power. (Translated by Vikrant Rajliwal)

You need to have a positive feeling that you have wasted the precious time due to the misdeeds and misdeeds of your past, and by adopting the path of truth in the current era, while improving your own dilapidated person, Use of time and your persistence on that divine path can be a path of […]

June 12, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

no comments

संकल्प शक्ति।

आप अपने दुष्विचारो एव दुर्व्यवहारों के कारण भूतकाल में जो अनमोल समय व्यर्थ बर्बाद कर चुके है उसका आपको एक सकारात्मक एहसास होना अति आवश्यक है एव वर्तमान में सत्य मार्ग को अपनाते हुए स्वम् के जर्जर व्यक्त्वि में सुधार करते हुए वर्तमान समय का सदुपयोग करना एव उस ओर अडिग रहना एक सुधार का […]

June 10, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

no comments

रेप। / Rape

रेप! कहने को तो एक शब्द होता है। परन्तु इस शब्द रेप की वास्तविकता अत्यन्त ही भयानक होती है। रेप और रेपिस्ट? क्या रेप करने वाला ही रेपिस्ट होता है या जिन्होंने वह अनैतिक हालात उतपन किए क्या कहि ना कहि वास्तविक दोषी वही तो नही होते? यदि उन व्यक्तियों ने, जिन्होंने एक मासूम को […]

June 8, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

no comments

One truth. (1)

A 17-year-old young boy recruits at the Rehabilitation Center. And with every passing moments, he begins to remember every single sentence of his life one by one. With whose influence an infallible change in his life has come easily. Some changes may be positive and some of them may be negative. Do you know that […]

June 8, 2019
Author, Writer, Poet And Dramatist Vikrant Rajliwal

no comments

एक सत्य। (1)

एक 17 वर्षीय अबोध युवक जब रिएबीटेशन सेंटर में भर्ती हो जाता है। एव हर गुजरते लम्हों के साथ उसे उसके जीवन के वह प्रत्येक वाक्य एक एक करके स्मरण होने लगते है। जिनके प्रभाव से उसके जीवन मे एक अचूक परिवर्तन सहज ही आ गए। जिनमे से कुछ परिवर्तन सकरात्मक हो सकते है एव […]