Writer & Poet Vikrant Rajliwal

Poetry, Shayari & Article's by Vikrant Rajliwal

Jan 4, 2019
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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🌅सत्य प्रकाश।

💥 सत्य प्रकाश। इस सभ्य समाज के बड़े बड़े मंचो से शोषित एव पीड़ितों को उनके शोषण से मुक्ति प्रदान करने हेतु बड़ी बड़ी बातें करना और उनकी भलाई के लिए अनेक प्रकार के आश्वाशन देना एक बात है और जमीनी स्तर पर उन तथ्यों की सच्चाई से परिचित होना एव हर प्रकार के शोषण […]

Jan 4, 2019
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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आत्मस्वीकृति।

स्वीकार अस्तित्व व्यक्तिव का वास्तविक हम अपने कभी जो कर ना सके। भृम जीवन में जीवित हर श्वास साथ में, जीवन हम अपना जो जीते रहे।। बदल ना सके भावो को दूषित, व्यवहारों को भृमित कभी जो हम अपने। बदलते रहे स्वम् को बदलते भावो से व्यवहारों को दूषित जो हम अपने।। ह्रदय कक्ष से […]

Dec 31, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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एक सूचना।

मित्रों किन्ही निजी कारणों से आज अपने youtyube चैनल पर Live नही आ सकूंगा। परन्तु अति शीघ्र ही अपनी एक बहेत्रिन नज़्म के साथ पुनः अपने और आप सबके youtube चैनल Vikrant Rajliwal के माध्यम से अपने रचनाओं को आप तक पहुचने का एक प्रयास अवश्य करूँगा। धन्यवाद। विक्रांत राजलीवाल।

Nov 16, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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जिंदगी।

एक डर खामोश ये खोलते अहसास अपने! जिंदा है धड़कने, बे-आवाज सी ये धड़कती जो जिंदगी। एक मौत अहसास ये ज़हर ए ज़िन्दगी! लम्हा है एक कायम, अहसास ये कब्र से झाँकती जो ज़िन्दगी।। एक खेल खुद से खुद के यक़ीन का! बाजी है ये अनहोनिया, अनहोनियों से लहूलुहान, जूझती ये ज़िन्दगी। एक सवाल जवाब […]

Nov 13, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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🕊 A information.

Hello dear readers and friends, Friends, as I said to the beloved readers of all the dear loved ones and Hindi-language literature, I soon started publishing online on my blog site (wordpress, blogspot, tumblr) as a freelance writer, Vikrant Rajliwal, a freelance writer. Hundreds of compositions, najm, ghazals, poetry, poems, articles, songs, satire, tales, etc. […]