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🌹 कार्य, अनुभव एवं परिचय। ✍️(https://vikrantrajliwal.com)

नमस्कार मेरा नाम विक्रांत राजलीवाल है। मै हरित विहार बुराड़ी दिल्ली 84 भारत में रहता हूं। और मुझ को नई नई कहानियां, नाटक, सँवाद, किस्से, गीत, ग़ज़ल, नज़म, लिखना अत्यंत ही पसन्द है। और मैं अपने ह्रदय से इच्छुक हु की आपके साथ जुड़ सकूँ। एवं अपनी लेखन कला (कहानियां, सँवाद, नाटक, गीत ग़ज़ल) सेContinue reading “🌹 कार्य, अनुभव एवं परिचय। ✍️(https://vikrantrajliwal.com)”

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💥 एक सेवा। // 💥 A Social Service.

🕊️🙏 यदि आप गरीब बच्चों, नशे से पीड़ित बच्चों, बीमार बच्चों के साक्षरता, स्वास्थ्य एवं बहेतर जीवन से सम्बंधित समाज कार्य करते है तो आप कभी भी मेरा चेरिटेबल नज़म, ग़ज़म, काव्य एवं शायरी का कार्यक्रम बिल्कुल मुफ्त करवा सकते है। इसके लिए मैं आपको कोई भी राशि नही लूंगा अपितु यकीन मानिए आप केContinue reading “💥 एक सेवा। // 💥 A Social Service.”

एक सूचना।

🌅 सुप्रभात मित्रों शीघ्र ही आपको मेरी ब्लॉग वेबसाइट पर प्रकाशित मेरी रचनाओँ एवं कहानी के संग्रह के साथ ही ; मेरी प्रथम विस्तृत कहानी पाठन हेतु उपलब्ध करवा दी जाएगी। जिसके शीर्षक से आपको शीघ्र ही सूचित कर दिया जाएगा। कृपया अपना अनोमोल प्रेम स्वरुप आशीर्वाद प्रदान कीजिए। कवि शायर एवं कहानीकार विक्रांत राजलीवाल।

💥 एक संकल्प एक योगदान।

मित्रों मेरे जीवन का केवल एकलौता मकसद यही है कि मैं अपने जीवन अनुभवो से उन मासूम बालको को एक उचित दिशा का ज्ञान करवा सकूँ जो आज भी किसी ना किसी नशे की गिरफ्त में फंस कर अपना उज्वल भविष्य अनजाने ही बर्बाद कर रहे है। काव्य शायरी नज़म ग़ज़ल दास्ताने लिखना एवं गानाContinue reading “💥 एक संकल्प एक योगदान।”

एक चोटिल एहसास। // A Hurt Feeling.

🙏🇮🇳 आज मैं यानी कि आपका मित्र एक साधारण से परिवार का भारतीय बालक स्वयँ के कुछ एहसासों को आप सभी प्रियजनो के साथ साँझा करने जा रहा हु। इस संसार मे प्रत्येक व्यक्ति का समय अत्यंत ही मूल्यवान होता है चाहे वह कोई सेलिब्रिटी हो या मेरे जैसा एक साधारण सा लेखक। और जबContinue reading “एक चोटिल एहसास। // A Hurt Feeling.”

एक हक़ीक़त।

सुलगते हर एहसासो से अपने सुलगता सा जा रहा हु मैं। बिखरते हर अरमानो से अपने बिखरता सा जा रहा हु मैं।। दिख जाता है आईना आज भी जब मुझे, बतलाता है दर्द तन्हाई का अपनी एक ख़ामोशी से मुझे। हक़ीक़त है जो हक़ीक़त नही, हर हक़ीक़त को करता बयां एक हक़ीक़त से वो मेरीContinue reading “एक हक़ीक़त।”

💥 VIKRANTRAJLIWAL.COM AND MY SPIRITUAL PROGRAM (NA) ✍️

In the last few days, some inspirational ideas and articles written by my pen on various platforms of social media to promote my blog site vikrantrajliwal.com and my spiritual program. बीते कुछ दिवसों में अपनी ब्लॉग साइट vikrantrajliwal.com एवं अपने आध्यात्मिक कार्यक्रम के प्रचार प्रसार हेतु सोशल मीडिया के अनेक मंचो पर मेरी कलम केContinue reading “💥 VIKRANTRAJLIWAL.COM AND MY SPIRITUAL PROGRAM (NA) ✍️”

इस ज़िन्दगी में हर शख्स खुद को सफलता की बुलन्दियों पर दूसरे को क्यों दिखलाना चाहता है। माहौल चाहे किसी और की बारात का ही क्यों ना हो पर वह खुद को ही दूल्हा क्यों दिखलाना चाहता है।। विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। 13/08/2019 at 4:55 pm

एक अधुरा फ़साना। — Author, Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal (Reblog)

एक चीख सुनाई देती है आज भी अनजाने मुसाफ़िर मुझे। ये रुकी सांसे ये ठहरी ज़िन्दगी ये एहसास ए जुदाई, मेरे खुद के नही।। खो गए है जो एहसास न वो मेरे थे और कॉयम है जो एहसास अभी टूटी धड़कनो में मेरे न ही ये मेरे है। हम मिले के नही एक दूजे से […]Continue reading “एक अधुरा फ़साना। — Author, Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal (Reblog)”