Advertisements

🌹 एक ख़्वाब।

via 🌹 एक ख़्वाब। Advertisements

Advertisements

💦 एहसास ( Written by Vikrant Rajliwal)

🙏 Hello loved ones and heart loved ones, Written by me, my first published book of my Hindi poems एहसास^Realization^ whose center point is an attempt to strike through our poems on the rigid behavior of today’s civilized society towards the important values ​​of humanity and socialism from our civil society. . All the wise […]

🌅सत्य प्रकाश।

💥 सत्य प्रकाश। इस सभ्य समाज के बड़े बड़े मंचो से शोषित एव पीड़ितों को उनके शोषण से मुक्ति प्रदान करने हेतु बड़ी बड़ी बातें करना और उनकी भलाई के लिए अनेक प्रकार के आश्वाशन देना एक बात है और जमीनी स्तर पर उन तथ्यों की सच्चाई से परिचित होना एव हर प्रकार के शोषण […]

आत्मस्वीकृति।

स्वीकार अस्तित्व व्यक्तिव का वास्तविक हम अपने कभी जो कर ना सके। भृम जीवन में जीवित हर श्वास साथ में, जीवन हम अपना जो जीते रहे।। बदल ना सके भावो को दूषित, व्यवहारों को भृमित कभी जो हम अपने। बदलते रहे स्वम् को बदलते भावो से व्यवहारों को दूषित जो हम अपने।। ह्रदय कक्ष से […]

एक सूचना।

मित्रों किन्ही निजी कारणों से आज अपने youtyube चैनल पर Live नही आ सकूंगा। परन्तु अति शीघ्र ही अपनी एक बहेत्रिन नज़्म के साथ पुनः अपने और आप सबके youtube चैनल Vikrant Rajliwal के माध्यम से अपने रचनाओं को आप तक पहुचने का एक प्रयास अवश्य करूँगा। धन्यवाद। विक्रांत राजलीवाल।

जिंदगी।

एक डर खामोश ये खोलते अहसास अपने! जिंदा है धड़कने, बे-आवाज सी ये धड़कती जो जिंदगी। एक मौत अहसास ये ज़हर ए ज़िन्दगी! लम्हा है एक कायम, अहसास ये कब्र से झाँकती जो ज़िन्दगी।। एक खेल खुद से खुद के यक़ीन का! बाजी है ये अनहोनिया, अनहोनियों से लहूलुहान, जूझती ये ज़िन्दगी। एक सवाल जवाब […]

🕊 A information.

Hello dear readers and friends, Friends, as I said to the beloved readers of all the dear loved ones and Hindi-language literature, I soon started publishing online on my blog site (wordpress, blogspot, tumblr) as a freelance writer, Vikrant Rajliwal, a freelance writer. Hundreds of compositions, najm, ghazals, poetry, poems, articles, songs, satire, tales, etc. […]

कुछ एहसास जो आज भी कायम है। (प्रथम ब्लॉग)

via कुछ एहसास जो आज भी कायम है। (प्रथम ब्लॉग)

🙏 एक सूचना।

नमस्कार प्रिय प्रियजनों, मित्रों जेसा कि मेने आप सभी से कहा था कि इस शनिवार रात्रि 8:00 बजे अपनी एक निविनतम अप्रकाशित काव्य व्यंग्य रचना *मंत्री जी* को आप सभी काव्य नज़्म प्रेमियों के समक्ष आपके अपने फेसबुक पेज Vikrant Rajliwal -साहित्यकार- लिंक पता है https://www.facebook.com/vikrantrajliwal85/ पर सीधे *Live* प्रस्तुत करूँगा। परंतु शायद अब ऐसा […]