Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's

Poetry, Shayari, Gazal, Satire, drama & Articles Written by Vikrant Rajliwal

June 12, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

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Resolution Power. (Translated by Vikrant Rajliwal)

You need to have a positive feeling that you have wasted the precious time due to the misdeeds and misdeeds of your past, and by adopting the path of truth in the current era, while improving your own dilapidated person, Use of time and your persistence on that divine path can be a path of […]

May 20, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

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✍️ मेरी क़लम।

मैंने बीते कुछ वर्षों के दौरान हम सब के इस सभ्य समाज पर और लगभग सभ्य समाज के हर वर्ग चाहे वो धनी हो या निर्धन। कोख़ में पलती लड़की और उसके जन्म से भयभीत होते कटरपंथी विचारधारा के व्यक्तियो के भाव व्यवहार हो या विकृत होती जा रही राजनीति। संसार से कट एकांकी जीवन […]

May 1, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

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👷 मजदूर।

अच्छे दिन आएंगे जरूर जल्द, जाग जाएगा हिंदुस्तान सम्पुर्ण जब। नही सोएगा भूखे पेट गरीब कोई, करेगा इंसाफ, इंसाफ से स्वम् जब।। कामगार, मजदूर का रुक जाएगा शोषण जब, कहता है दिल अच्छे दिन अजाएँगे जब।।। मजदूरी करता है खाली पेट मजदूर जब, खून पसीना बहाता है खड़ी दोपहरी जब। खून पसीने से आबाद है […]

May 1, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

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🎭 एहसास

आसमां का रंग बदल जाएगा, बदलते हर एहसासों से मेरे यहाँ। देखना बदलने ना पाए एहसास कोई, बदलते रंग से आसमां के मेरे यहाँ।। नसीब की बाजी अक्सर मैं हारता ही रहा हु, जमीन चलने के लिए जो कम सी मिली है मुझ को यहाँ। हर हारी बाजी से हार गया है जो, कह दे […]

April 29, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

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💥एक सेवा और एक सहयोग। // 💥 One Service and One Collaboration.

नमस्कार मित्रों शायद आप मे से बहुत से महानुभव इस बात से परिचित नही होंगे कि मैं आपका अपना मित्र विक्रांत राजलीवाल वर्ष 2003-04 से नशे से पीड़ित मासूम व्यक्तियों के लिए स्वमसेवी संस्थाओ के साथ निःस्वार्थ भाव से सेवा करता आ रहा हु एव स्वम भी कई प्रकार के जटिल उतार चढ़ाव के उपरांत […]

April 22, 2019
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बरबादियाँ।

जिंदगी की चाह घुट शराब की…बिखरता सा जा रहा हु कहि मैं। बोतल शराब की जो चाह है जिंदगी…दूर अपनो से कही खो सा गया हूं मैं।। जशन ए बरबादियों से आबाद तो नही…हर बरबादियों का जशन मनाता जा रहा हु मैं। हर गम, हर खुशी से हो कर अंजान परिंदे…आसमां अपना सा कोई तलाश […]

April 20, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal Creation's

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🙏 हार्दिक आभार।

मित्रों आज मैं आप सभी प्रियजनों का अपने ह्रदय से आभार व्यक्त करना चाहूंगा कि वर्ष 2016 के अंतिम समय मे जब मैं सोशल मीडिया के माध्यम द्वारा आप सभी मित्रजनों एव प्रियजनों से जुड़ा था उस समय केवल मेरी रचनाओं में मेरी प्रथम प्रकाशित पुस्तक एहसास ही थी। जिसको मेने हम सब के सभ्य […]