Writer, Poet & Dramatist Vikrant Rajliwal Creation's -स्वतन्त्र लेखन-

काव्य-नज़्म, ग़ज़ल-गीत, व्यंग्य-किस्से, नाटक-कहानी-विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। -स्वतंत्र लेखन-

Apr 20, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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🙏 हार्दिक आभार।

मित्रों आज मैं आप सभी प्रियजनों का अपने ह्रदय से आभार व्यक्त करना चाहूंगा कि वर्ष 2016 के अंतिम समय मे जब मैं सोशल मीडिया के माध्यम द्वारा आप सभी मित्रजनों एव प्रियजनों से जुड़ा था उस समय केवल मेरी रचनाओं में मेरी प्रथम प्रकाशित पुस्तक एहसास ही थी। जिसको मेने हम सब के सभ्य […]

Apr 19, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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💥 जय हनुमन्त। (With the video link of today’s YouTube poetry reading.)

जय हनुमन्त अति बलदाई। जन्म जन्म के दुख मिटाई।। देख तुन्हें हर दुष्ट है भागा। मिट जाता है हर घाव ताजा।। कौन है इस जग में तुमसा महान। आते हो तुम ही दुखियो के काम।। समीप ह्रदय है जवलित, तुम्हरा ही पवित्र उजाला। अंधकार पल भर में मलिनता मन की दूर कर डाला।। देख तुम्हे […]

Apr 3, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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🌹 दास्ताँ

💗 एक इंतज़ार… महोबत। मेरी आगामी अति विस्तृत दर्दभरी नज़्म श्रंखला के अंतर्गत मेरी प्रथम दर्दभरी नज़्म दास्ताँ एक इंतज़ार… महोबत। एक ऐसी दर्दभरी महोबत की दास्ताँ है जो यक़ीनन आपके ह्रदय पर अपने दर्द की पीड़ा से दस्तक़ देगी। और जिसका प्रत्येक शेर एव कलाम आपके धड़कते दिल को बेहिंतिया धड़कातें हुए आपकी हर […]

Mar 24, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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🌹विक्रांत राजलीवाल एक परिचय।🙏

नमस्कार प्रिय पाठको एव ह्रदय अज़ीज़ श्रुताओं, अक्सर कुछ व्यक्ति मुझ से संदेशक एव e mails के द्वारा मेरा परिचय पूछते है तो उन सभी महानुभवों समेत अपने समस्त चाहने वालो के लिए मैं पुनः अपना एक लघु परिचय यहाँ उपलब्ध करवा रहा हु। मित्रों मैं एक स्वतंत्र लेखक, कवि, शायर एव कहानीकार-नाटककार हु। मेरी […]

Mar 14, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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एहसास…

किसी ने मुझ से पूछा कि आप क्या करते है? क्या जवाब देता इसके सिवाय के ज़नाब देख लीजिए हम अपने हर हरे जख्मों को कुरेद कर और भी हरा कर देते है। दर्द जब हद से गुज़र जाता है तो हम अपने हर हरे जख्मों को दे कर के एक और ज़ख्म खुद ही […]

Mar 13, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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🌹 दास्तां। (दर्दभरी महोबत की अति विस्तृत दस्ताने)

नमस्कार मित्रों, जल्द ही मैं आपका अपना रचनाकार एव कवि-शायर मित्र विक्रांत राजलीवाल अपनी आजतक की सबसे बहेत्रिन नज़्म दस्ताने। या इसे आप कुछ इस तरह से भी कह सकते है कि मेरे साधारण से जीवन की मेरी आजतक की नज़्म शायरियों में से यह दस्ताने मैने सबसे पहले लिखी थी। अन्य नज़्म शायरी मेने […]

Mar 11, 2019
Kavi, Shayar & Natakakar Vikrant Rajliwal (स्वतँत्र लेखन)

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👥 ज़िंदगी। With Today’s Live performance Video Link from My YouTube channel.

एक दिन सांसो पर पहरा कोई लग जाएगा। हर दर्द ए दिल, नज़दीक से चेहरा दिख जाएगा।। भूल जाएगा, ज़माना-अनछुई यादो को जब। बेगाना दफ़न तन्हाई में कही हो जाएगा तब।। समझना ख्वाब कोई अंजना, नज़र तुमको न आए जब। भूल जाना न करना याद, जान उसे कोई फ़साना तब।। करेगा फरियाद, दर्द ए ज़िंदगी […]