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प्रकाशित जनवरी 2016(pub… jan 2016 in delhi world book fair)

मेरे द्वारा लिखी गई मेरी प्रथम हिंदी कविताओं की पुस्तक जिसका केंद्र बिंदु, हमारे समाज और हमारे मानव ह्र्दय से समाप्त होती जा रही समाजिकता और मानवता की भावनाओ के प्रति अपनी कविताओं के माध्यम द्वारा एक प्रहार की कोशिश मात्र है।

उम्मीद है आप सब को मेरा यह प्रथम प्रयास पसन्द आएगा।

धन्यवाद।
विक्रांत राजलिवाल।

The book of my first Hindi poems written by me whose center point, our society and our humane hearts are my attempts to strike a human heart through the medium of socialism and the poem of humanity through their poems.

Hopefully all of you will like my first try.

Thank you.
Vikrant Rajlewal

#Hindi Poetry, Shayari & Story Article’s #

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दिल से. ..

जशन है फ़िज़ा में, दिल ये उदास, ढूंढता है अब भी,

कदमो के बेगाना, अपने जो निसान।

हालात ए ज़िन्दगी, ये ख़ामोशी है क्यों, भूल गया जो लम्हा,

वो ये नही।।. ..लेखन द्वारा विक्रांत राजलिवाल।
# Hindi Poetry, Shayari & Story Article’s #FB_IMG_1497533720997.jpg

कशमकश ज़िन्दगी।

FB_IMG_1497158859549.jpg चल रही है किश्ती, ढूंढ़ने को किनारे कोई

उफान ए समंदर, से टुटते हौसले।

फंसे है मुसाफ़िर अनजाने कई

राह उमीद एक लिए हुए।।

देख के रोशन, चाँद से, उठती है तरंगे कई
हर तरंग साथ अपने,जान कई लिए हुए।

उमीद है, जल्द ही थम जायगा, तूफ़ान ए जज़्बात
हर जज़्बात, दुआ ए ज़िंदगी, साथ अपनो के, लिए हुए।।

लेखन द्वारा विक्रांत राजलिवाल।

⛈ Kashmakash.. .

Chl rhi hai kishti, dondene ko kinara koi
Ufaan ae samander Se tuttey hosaley

Fasey hai musafir anjane kai
Rah umeed ek liye huye

Dekh ke roshni chand se, uthti hai tarange kai

Har tarang , sath apne, jaan kai liye huye

Umeed ke jald hi tham jayega toffan ae jajbaat
Har jajbaat , dua ae zindagi, sath apno ke liye, huye…

lekhn dwara✍Vikrant Rajliwal.

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आप सब का हार्दिक स्वागत है।

आह सभी का यहाँ हार्दिक स्वागत है।

यह ब्लॉग, यह वेबसाइट, एक ऐसा मंच उपलब्ध कराता

है! यहाँ हर वह व्यक्ति अपने मन के बात, अपनी

कविताओं, शायरी-नज़्म और अपने द्वारा लिखी कहानी व

लेखों के माध्यम से उन तमाम लोगों तक पहुँचा सकने की

एक क्षमता उसमे आ जाती है। जो उन्हें सुनना व पढ़ना चाहते

है।

आज में इस मंच से उन तमाम व्यक्तिओ का अपने दिल-

से शुक्रिया अदा करता हूँ! जिन्होंने यह अनमोल मंच, हम

सब को यह महान मंच उपलब्ध कराया।

मेरे इस ब्लॉग-वेबसाइट पर आप सब, महानुभवों को, मेरे

द्वारा लिखे गए विचार, जो कि मेरे द्वारा लिखी गयी

कविताओ, नज़्म-शायरी, और लेखों के रूप में उपस्थित

है। इस महान मंच की जरिये उपलब्ध कराए गए है।

उम्मीद करता हूँ आपको मेरे द्वारा लिखी गयी यह रचनाएँ

पसन्द आए।

यहाँ आप सभी का यह ब्लॉग हार्दिक स्वागत करता है।

धन्यवाद।

आपका अपना रचनाकार एव लेखक विक्रांत राजलिवाल।FB_IMG_1497975739668