Writer & Poet Vikrant Rajliwal

Poetry, Shayari & Article's by Vikrant Rajliwal

Dec 25, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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🎂 Merry Christmas.

IMG-20181225-WA0002.jpgनमस्कार प्रिय पाठकों एव ह्र्दयज़ीज़ श्रुताओं, मित्रों शीघ्र ही आज 25 दिसम्बर (बड़े दिन) के पवित्र त्यौहार को मैं आपका अपना रचनाकार मित्र, आपके अपने YouTube चैनल Vikrant Rajliwal
url पता है👉 https://www.youtube.com/channel/UCs02SBNIYobdmY6Jeq0n73A
पर रात्रि 8:30 बजे एक बार पुनः Live आ कर क्रिसमस (बड़े दिन) के इस पवित्र त्यौहार के उपलक्ष्य में क्रिसमस के पवित्र त्योहार पर लिखी गई मेरी और आप सब की अपनी अपनी एक बहेत्रिन नज़्म को आप सभी प्रियजनों के समक्ष अपने साधारण से स्वरों के साथ सुनाऊंगा। उमीद करता हु आप सभी को प्रसन्द आए।

आपका अपना मित्र विक्रांत राजलीवाल।

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Dec 24, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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Book my show. (Book my show of my Poerty, Nazams & Shayari)

❤ सदाबहार नज़्म काव्य ग़ज़ल एव शायरी।

(मेरे द्वारा लिखित काव्य, नज़्म ग़ज़ल एव शायरी के कार्यक्रम के लिए आज ही आप मुझ से सम्पर्क कर सकते है)

🙏नमस्कार मेरे प्रिय पाठको एव हर दिलाज़िज़ श्रुताओं,
20181224_084112
आप मेरे यानी रचनाकार एव कवि, शायर, नज़्मकार ग़ज़लकार, नाटककार एव कहानीकार विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित मेरी समस्त रचनाओं का जिनकी संख्या सैकड़ो में है से मेरा काव्य नज़्म एव शायरी का मेरा कार्यक्रम बुक कर सकते है।
(आप मुझ से 24 घँटे में कभी भी निसंकोच सम्पर्क पर सकते है)

🎤 आप मेरी समस्त प्रकाशित एव आगामी रचनाओं को मेरे स्वरों के साथ सुनने का आनन्द मेरे YouTube चैनल Vikrant Rajliwal url पता है 👉https://www.youtube.com/channel/UCs02SBNIYobdmY6Jeq0n73A से जुड़ कर प्राप्त कर सकते है।

👉 इसके साथ ही आप मेरे द्वारा लिखित मेरी प्रथम प्रकाशित अति संवेदनशील समाजिक एव मानवता कि भावनाओ से प्रेरित मुददों पर कविताओ की पुस्तक *एहसास* को संजोग प्रकाशन शहादरा वाले से प्राप्त कर सकते है जिसे मेने विद्यार्थी काल में लिखा एव प्रकाशित करवाया है।
प्रकाशित समय जनवरी 2016 दिल्ली विश्वपुस्तक मेला, संजोग प्रकाशन शाहदरा द्वारा प्रकाशित है।

👉1) मेरी आगामी पुस्तके है प्रथम मेरे द्वारा लिखी गयी बेहद विस्तृत दर्द भरी महोबत कि नज़्म शायरी के रूप में महोबत कि दर्द भरी दास्ताने। जो आपके दिल और धड़कनों को चीर कर रख देगी।

(जिन्हें अभी तक मेने अपनी किसी भी राष्टीय एव अंतरराष्ट्रीय ब्लॉग साइट्स पर प्रकाशित नही किया है।)

2) दूसरी अब तक का मेरी तमाम ऑनलाइन ब्लॉग रचनाओ का संग्रह।

3) तीसरी जो कि मेरा प्रथम विस्तृत दर्द भरा पारिवारिक उत्तर चढ़ाव एव प्रेम प्रसंगों के साथ ज़िंदगी के हर रूप को अंकित करता एक दर्द भरा रोमांचक नाटक। एव एक आगामी उपन्यास।

एक आशा एक उम्मीद है कि मैं विक्रांत राजलीवाल आप सभी प्रियजनों कि आशा उम्मीद पर खरा उतर सकूँ।

धन्यवाद।

विक्रांत राजलीवाल।

^एक लेखक, कवि, शायर, नज़्मकार, ग़ज़लकार, नाटककार एव कहानीकार // Philosopher, Guide & Programmer at Anti-Drug Programme & Life from 2003 // 🇮🇳 एक भारतीय।^

( 🙏 मित्रों मेरे निविनतम लेखों एव रचनाओं के पाठन हेतु अभी साइन इन करे मेरी ब्लॉग साइट vikrantrajliwal.com से। धन्यवाद।

आपका अपना मित्र विक्रांत राजलीवाल ✒ 🙏 Sign in to read my best articles and creations to friends from my blog site vikrantrajliwal.com.

Thank you.

Your own friend Vikrant Rajliwal ✒)

❤मुशायरा एव कवि सम्मेलन बुक करने के लिए मेरा सम्पर्क सूत्र नीचे अंकित है।👇👇👇

पता:हरित विहार बुरारी दिल्ली।
मोबाइल न (91+9354948135)

Dec 24, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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Intoxication a problem. (Consultant at Anti Drug Programme)

💥20181224_083944Intoxication! yes sir intoxication, As a serious problem of drug addiction today, we will bring our civilized society to the sick with four mines. Regardless of the type of intoxicants, the drug addiction is proven to be very harmful to every human being and it has happened. And it has emerged as a highly sensitive and complex disease emerging.

It is very difficult to get an idea of ​​how many settled families have been ruined due to this mental illness. And do not know how many families are even like that which got settled before settling down! Drug addiction rarely saved a person in his entire life. These are the attractions, beyond which all the other attraction lacks knowledge.

But it is also a fact that this drunken attraction proved to be the most fatal of all the other attractions. Drug addiction or drunkenness, etc., the entire life of the person is spent only in distress, poverty and Mental torture. But the person also makes his family a victim of mental and physical torture with him.

Therefore, full treatment of this disease is very important and it is also an important demand for today’s civilized society. That’s why every social person in our civilized society has this duty towards his civil society that he will provide his important support in fighting his critical condition on his own level.

You can also contact me at my e-mail address for more information. My e-mail address is listed below.

vikrant.rajliwala@gmail.com

Thank you.

Vikrant Rajliwal

*Joined my personal blog site vikrantrajliwal.com*

✍ Your own friend Author & Creator Vikrant Rajliwal (Recovery Edit)

(An author, Poet, Shayar, novelist, artist, dramatist and story writer // Philosopher, Guide & Programmer at Anti-Drug Program & Life from 2003 // 🇮🇳 An Indian)

Dec 24, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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नशा एक समस्या।(Consultant at Anti Drug Programme!)

20181224_083944 💥नशा! जी हा जनाब नशा। नशा आज एक गम्भीर समस्या के रूप में हमारे सभ्य समाज को चारों खानों से बीमार करने पे उतारू हैं। नशे का चाहे कोई भी प्रकार क्यों न हो, नशे का हर प्रकार से सेेेवन हर मनुुष्य के लिए अति हानीकारक सिद्ध होता है और हुआ है। और यह एक अति संवेदनशील और जटिल बीमारी के रूप में उभर के सामने आया है। 

इस मानसिक बीमारी के कारण न जाने कितने ही बसे बसाए परिवार उजड़ चुके हैं इस बात का अंदाजा भी लगा पाना अत्यंत कठिन हैं। और न जाने कितने परिवार ऐसे भी हैं जो शायद बसने से पहले ही उजड़ गये! नशे के आकर्षण से शायद ही कोई व्यक्ति अपने सम्पुर्ण जीवन में बच पाया हो। ये वो आकर्षण हैं जिसके आगे बाकी के सभी आकर्षण फीके ज्ञान पड़ते हैं।

परन्तु यह भी एक सत्य है कि ये नशे का आकर्षण बाकी सभी आकर्षणों में सबसे घातक साबित हुआ हैं। नशे के आकर्षण या नशे के आदि व्यक्ति का तो सम्पूर्ण जीवन दुःख-तकलीफ, कंगाली और मानसिक-यात्ना में व्यतीत होता ही हैं। परन्तु वह व्यक्ति अपने साथ में अपने परिवार को भी मानसिक और शारीरिक यातना का शिकार बना देता हैं।

इसलिए इस बीमारी का पूर्ण रूप से इलाज अति आवश्यक हैं और यह आज के सभ्य समाज की एक महत्वपूर्ण मांग भी हैं। इसलिए हमारे सभ्य समाज के प्रत्येक सामाजिक व्यक्ति का अपने सभ्य समाज के प्रति यह कर्तव्य हैं कि वह अपने अपने स्तर पर इस गम्भीर बीमारी से लड़ने में अपना महत्वपूर्ण एव अनमोल सहयोग एव योगदान प्रदान करे।

अधिक जानकारी के लिए आप मुझ को मेरे e mail पते पर भी सम्पर्क कर सकते है। मेरा e mail पता नीचे अंकित है।👇

vikrant.rajliwala@gmail.com

 
धन्यवाद।

✍आपका अपना रचनाकार विक्रांत राजलीवाल। (रिकवरी एडिट)

*Joined my personal blog site vikrantrajliwal.com*

विक्रांत राजलीवाल

(एक लेखक, कवि, शायर, नज़्मकार, ग़ज़लकार, नाटककार एव कहानीकार // Philosopher, Guide & Programmer at Anti-Drug Programme & Life from 2003 // 🇮🇳 एक भारतीय।)

Dec 20, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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हिंदी एक संस्कार।

1541661922383.jpgहिंदुस्तान या भारतवर्ष में मिले हिंदी को भी विकास का अपने पूर्ण एक अधिकार।

गर्व करें हर भारतीय भाषा हिंदी पर अपने एक आत्मस्वाभिमान।।

रोजगार एव व्यवसाय तक ही रहे न सीमित कोई भाषी अब हिंदी।

संस्कार, संस्कृति एव उन्नति को एक पहचान देगी भाषा हमारी हिंदी।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

20/12/2018 08:27 am

Dec 19, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

1 comment

एक सूचना।

नमस्कार प्रियजनों,

मित्रों जल्द ही आपके अपने एक और YouTube चैनल Fitness & Health Vikrant Rajliwal url address is https://www.youtube.com/channel/UCENUJ6Atpi8-Nzc6NJ1USMA पर Live आ कर के अपनी एक boxing on solid space with real punches with real blood सिर्फ और सिर्फ आप सभी साहित्य एव action के प्रेमियोँ के लिए शूट करूँगा। दिन, तारीख एव समय से आपको जल्द ही अवगत करवा दिया जाएगा।

धन्यवाद।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

Vikrant Rajliwal

*आप सभी प्रियजन आज ही मुझ से मेरी समस्त प्रकाशित एव आगामी रचनाओ के साथ मेरी एव आपकी अपनी ब्लॉग साइट vikrantrajliwal.com एव मेरी रचनाओ के मेरे सक्रिय काव्य साहित्य के YouTube Vikrant Rajliwal url पता है 👉 https://www.youtube.com/channel/UCs02SBNIYobdmY6Jeq0n73A के साथ जुड़ कर उनका आनन्द प्राप्त कर सकते है।*20181206_083545

Dec 18, 2018
Vikrant Rajliwal (विक्रांत राजलीवाल) -स्वतन्त्र लेखक-

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किन्नर।(एक जीवनी) *एक अधूरा भाव*एक अधूरा प्रोजेक्ट।

नमस्कार प्रियजनों, आज आप सभी मित्रजनों के साथ कुछ भाव साँझा कर रहा हु। कुछ महीने पूर्व इसी वर्ष 2018 में एक परिचित जानकर महानुभव ने मेरी लेखनी से प्रभावित हो कर अपनी जीवनी लेखन की जिम्मेवारी मेरे सपुर्द्ध करि थी। जिसका विषय *किन्नर* एक अति संवेदनशील भावो पर आधारित था। उनके आग्रह करने के उपरांत मैने इस जटिल विषय पर लेखन कार्य प्रारंभ भी कर दिया था। एव उसके उपरांत मैंने उनसे उनके जीवन प्रारम्भ से सम्बंधित बहुत से अति संवेदनशील एव कठोर प्रशन भी वट्सअप अप्प के जरिए जानने चाहे। परन्तु आज कई महीने गुजर जाने के उपरांत भी जब उनकी ओर से कोई भी प्रत्युत्तर प्राप्त नही हो सका तो आज मै आप सभी से अपने उस लेखन कार्य को साँझा कर रहा हु।

क्योंकि मैं नही चाहता कि मेरा वह लेखन कार्य जिसे एक दिव्य कार्य के समान मैंने प्रारम्भ किया था व्यर्थ हो जाए। आशा करता हु कि शायद आप सभी मेरे उन भावों को समझ सके जो मैं आपका अपना रचनाकार मित्र विक्रांत राजलीवाल समझाना एव बताना चाह रहा हु। तो अब आप सभी प्रियजनों एव प्रिय पाठकों के सम्मुख प्रस्तुत है मेरे द्वारा लिखित अति संवेदनशील विषय *किन्नर* (एक जीवनी) पर लिखी गई वह प्रारम्भिक चन्द पनतिया जिसके उपरांत उन महानुभव की ओर से मेरे द्वारा पूछे गए उन अति संवेदनशील प्रश्नों का कोई भी प्रयुतर प्राप्त नही हो पाने के कारण मेरा यह लेखन कार्य आज भी वही पर तन्हा खड़ा है।
नीचे की ओर अब आप सभी मित्रजनों के समुख प्रस्तुत है वह शुरुआती भाव वह अधूरा लेखन कार्य जो आज भी…

किन्नर (एक जीवनी)

मौसमी बदलाव के साथ बदल जाते है हालात। क्या आपने रेगिस्तान वियावन में कोई ओस बून्द देखी है। अगर आप रेगिस्तान से कभी गुजरे होंगे तो आपको उस एक ओस बून्द का महत्व भी अवश्य ही ज्ञात होगा। जो एक भटके हुए मुसाफिर एव एक जिंदगी की ख़्वाहिश रहने वाले व्यक्ति के लिए किसी ईश्वरीय एक वरदान के सम्मान ही अनमोल होती है। प्रकृति ने हर एक जाति किस्म अत्यंत ही सोच विचार कर ही बनाई एव उनमें एक जीवन प्राणों का संचार किया है। या फिर आप इसे इस प्रकार से भी कह सकते है कि जिन भी हालातों में आज तलक जो भी जाति किस्म प्रकृति में प्रकृति से उपज कर जीवंत हो सकी है। चाहे वह इंसान हो, पेड़ पौधे हो या फिर जीव जंतु। वह उस परम्परमेश्वर ईष्वर एव हम सबकी जीवनदाता मनमोहक प्रकृति कि दृष्टि में अपना एक ख़ास महत्व रखते है। तभी तो उनमें जीवन स्वरूप जीवन प्राण ऊर्जा का एक संचार नज़र आता है। जी हां मैं भी एक ऐसी ही प्रकृति कि प्यारी एक अनमोल उपज हु। आप सोच रहे होंगे कि कौन हूं मैं? तो यहाँ मैं आप सभी महसनुभवो से सिर्फ इतना ही कहना चाहूंगी कि…

मैं भी हु वरदान प्रकृति का।

मुझ में भी है निसान प्रकृति का।।

दिल धड़कता है सांसे चलती है मेरी भी।

बहती हु समान धारा कोई पवित्र सी मैं निर्मल।

कर के हर बाधाओ को पार कहलाई हु मैं किन्नर।।

धन्यवाद।

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित

(यह वह लेखन कार्य था जो आज भी किसी प्रत्युत्तर की प्रतीक्षा में तन्हा खड़े हुए न जाने किसकी प्रतीक्षा कर रहा था जिसको आज आप सभी महानुभवों तक पहुँचा कर मैंने एक जीवंत रूप देने का एक प्रयास किया है।)

18/12/2018 at 08:19am