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✍️ विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित शायरी…एक एहसास।

💌[ विषय एव 2 लाइन की शायरी।🌹3(कुछ का सेट) ] 🌹सुन कर धड़कने तेरी रुक गई सांसे, ठहर गई धड़कने मेरी हर एक। न दे आवाज ए साकी अब मुझ को तू मेरे नाम से, भूल गया हूं अपना नाम, घुला जहर सांसो में जो, मर गई आरज़ू मेरी अब हर एक।। विक्रांत राजलीवाल द्वाराContinue reading “✍️ विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित शायरी…एक एहसास।”

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👥 टूटता यकीं।

जब आपको बार बार खुद अपने आप को अपने रिश्तों का एहसास करवाना पड़े। कि वह मेरा मित्र है, वह मेरे पिता जी, वह मेरी माया जी, या अरे हा वह मेरी पत्नी और बच्चे ही है। तो समझ जाना वह ड़ोर जिसे यकीन कहते है रिश्तों पर, कहि खो सा गया है। 🕯️ टूटContinue reading “👥 टूटता यकीं।”

एक टिस। // A Pain.

आज बहुत से व्यक्ति मेरे प्रति यही सोचते है कि मैं अपने जीवन उदेश्यों में असफल हो चुका हूं। अपने जीवन मे हार चुका हूं। यदि वह आज ऐसा कहते या सोचते है तो इसके पीछे भी कोई ना कोई कारण भी अवश्य ही होगा? परन्तु उन कारणों की वास्तविकता क्या है और क्यों है?Continue reading “एक टिस। // A Pain.”

💥 कर्म फल।

दम था बहुत उड़ने का ऊँची उड़ान उसमें, जब जब उड़ना चाहा उसने, तो हर बार आसमान सिमट कर सिमट गया। टूटे परों में थी जो जान कुछ बाकी, वक़्त की हर चाल पर बच ना सकी, बच गई फिर भी अधूरी जो, वो थी एक ख़्वाहिश, एक ख्वाहिश, एक ख़्वाहिश… एक ख़्वाहिश एक उन्मुक्तContinue reading “💥 कर्म फल।”

💥 चेतना। (नवीन काव्य)

हमनें खाया है दगा बहुत एतबार से यारों, दुआ है यही की अब कोई कभी अपनो से दगा ना करें। जो करें विशवास तो निभा देना उसका साथ, भूल से भी विशवास से किसी के अब कोई कभी घात ना करें।। हर ज़ख्म जज्बातों के दिल ही नही धड़कनों को भी तोड़ने जब लगें, वारContinue reading “💥 चेतना। (नवीन काव्य)”

💥 One Truth. 5 (Fifth Blog) A true Experience. (Republish)

💥 One True. 5 (Fifth blog) was (trash) deleat by mistake. That is why I am republishing a true Fifth blog. Now further …   And I open the door. At that time, I could not understand anything properly in the saroor of Pudia (bhang, dhatura). Yes, still remember so much that maybe I openContinue reading “💥 One Truth. 5 (Fifth Blog) A true Experience. (Republish)”

💥 सत्य कर्म। (नवीन काव्य-कविता।)

सत्य भृम ले जान ए पथिक, लक्ष्य स्वयं झुकते नही, पथ ए पथिक सरलता से जीवन में स्वयं तुम्हारे। ज्ञान अज्ञान ये भाव ए पथिक, लक्ष्य स्वयं आएंगे चलकर, बांधे हाथ सरलता से निकट स्वंय तुम्हारे।। विजय तिलक भाग्य में तुम्हारे, भृम विजय स्वयं ही मिल जाएगी, आ कर निकट सरलता से स्वयं तुम्हारे। कर्म,Continue reading “💥 सत्य कर्म। (नवीन काव्य-कविता।)”

🌹 अश्क़। (एक दर्द भरी प्यारी सी सौगात के साथ)

ये अश्क़ है दिवाने (विक्रांत राजलीवाल।) के जो करते है बयां दर्द मोहब्ब्त का मोहब्ब्त से मेरे। हर दर्द से छलकता है अश्क़ मोहब्ब्त का मोहब्ब्त से मेरे।। आज अपनी इस नज़म को एक दर्द भरी प्यारी सी सौगात के साथ आप सभी मित्रों के लिए पुनः प्रकाशित कर रहा हु। जिसमे आपको दर्द एContinue reading “🌹 अश्क़। (एक दर्द भरी प्यारी सी सौगात के साथ)”

💥 सत्य। // 💥 Truth.

🕯️ दुसरो के गुणों को एव स्वंय के अवगुणों को जो स्वीकार करने की क्षमता रखता है वास्तव में वही स्वयं के प्रति एक ईमानदारी का व्यवहार बरतता है। यदि आप सत्य को स्वीकार नही कर सकते तो शीघ्र ही सत्य की दिव्य अग्नि की तपिस से आपकी अन्तर्रात्मा आपको निरन्तर तपाते हुए जीते जीContinue reading “💥 सत्य। // 💥 Truth.”

💥 सत्य। // 💥 Truth.

🕯️ जिस सड़क पर आप अपने जीवन के प्रारम्भ से एक दौड़ लगते हुए दौड़ते जा रहे है ना प्रियजनों! इस जीवन मार्ग पर आपकी सांसे तो टूट सकती है परंतु आपकी यह दौड़ नही रुक सकती! जब तक आपको आपकी उस दिव्यता का अनुभव प्राप्त नही हो जाता जिस के साथ ईष्वर ने आपकीContinue reading “💥 सत्य। // 💥 Truth.”