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🌹 दर्द दिल का उत्तर गया। (ग़ज़ल) विक्रांत राजलीवाल।

दर्द दिल का उत्तर गया, हर अल्फ़ाज़ में मोहब्ब्त कोई खामोशी सी साथ अपने लिए। हर जख्म भी आतुर है बिकने को, नाम ए मोहब्ब्त वो नाम महबूब का कर दिया बदनाम सरेराह, हर अश्क़ भी मेरे बन गए, खुद एक मोहब्ब्त की कोई दास्ताँ।। ये कलम धड़कती है मेरी, हर धड़कन से एक शोरContinue reading “🌹 दर्द दिल का उत्तर गया। (ग़ज़ल) विक्रांत राजलीवाल।”

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रहे आबाद ये दुनिया। (ग़ज़ल)

रहे महफूज़ ये दुनिया, घरों में रोक लो दुनिया, बचा लो खुद को क्रोना से, रहे आबाद ये दुनिया। घिर आई घटा है जो, जहरीली जहरीली, दम घोट देगी वो, धड़कने रोक देगी वो, हो कर दूर दुनिया से, बचा लो ये दुनिया।। वो खुली हवा, वो आज़ादी, जल्द ही लौट आएगी, देखना एक रोज़Continue reading “रहे आबाद ये दुनिया। (ग़ज़ल)”

🕊️ सफ़र ए जिंदगानी। (🌹ग़ज़ल।) with YouTube video. Vikrant Rajliwal.

🕊️Safar e Zindagi. (🕊️ सफ़र ए जिंदगानी।) ग़ज़ल।  विक्रांत राजलीवाल की कलम से लिखी गई दर्द ए जिंदगानी को बयां करती हुई एक दर्दभरी रोमानी ग़ज़ल है। (YouTube video लिंक नीचे अंकित है।) 🕊️ सफ़र ए जिंदगानी। (🌹ग़ज़ल) टूटते हर ख्वाबों से जिंदा है जो ख्वाब कई , रखा है उनको सलामत हमने कहि ।Continue reading “🕊️ सफ़र ए जिंदगानी। (🌹ग़ज़ल।) with YouTube video. Vikrant Rajliwal.”

🎻 एक दर्द। (दर्दभरी नज़म) *पुनः प्रकाशित*

नही आती है नींद दीवाने को क्यों आज-कल। भूल गया है रंगीन हर ख़्वाब वो क्यों आज-कल।। हो गया है खुद से ही बेगाना वो क्यों आज-कल। रह गया है तन्हा भरे संसार में वो क्यों आज-कल।। लेता है रुसवा बेदर्द रातो में नाम वो किसका आज-कल। तड़पता है देख हाल ए दीवाना सा वोContinue reading “🎻 एक दर्द। (दर्दभरी नज़म) *पुनः प्रकाशित*”

एहसास। (ग़ज़ल)

हम लिखते है, हम गाते है, हम गीत खुशियों के गुनगुनाते है। साथ पल दो पल का नही, ये एहसास ह्रदय से खनखनाते है।। मौसमो की बारिश नही, ये अश्क़, यादों की एक निशानी है। हर पल एहसासो को अपने संजोए, हर दर्द, हर दास्ताँ, मोहब्ब्त की एक कहानी है।। आज फिर से तेरी यादContinue reading “एहसास। (ग़ज़ल)”

शराबों। (पुनः प्रकाशित)

ना वो प्याला रहा सलामत, ना वो दौर ए दस्तूर ही रह पाया कायम, बदलते समय से बदल गए हर यार यहाँ। देखें इस दुनियां में यार बहुत, ढूंढे ना ढूंढ़ पाए फिर भी यार शराबों सा हम यार यहाँ।। हर घुट से उतरता ज़हर, घुट घुट से चढ़ता ज़हर, तासीर है तिलस्मी, जिसका हरContinue reading “शराबों। (पुनः प्रकाशित)”

दर्द ए मोहब्ब्त। With वाच “दर्द ए मोहब्ब्त। ( विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित एवं ओरसरित। )” on YouTube

हो गया हैं फ़ना, एक दीवाना जो कहि,सनम से अपने, बिछुड़ जाने के बाद। बिखर गयी हैं चाहते, अश्क़ जख्मो पर जो कहि,टूट गयी सांसे, दिल उसका टूट जाने के बाद।। हो गया है दफ़न, परत समय कि में जो कही,रह गए निसान ए इश्क़ बाकी, उसके चले जाने के बाद। जल गयी है चिता,Continue reading “दर्द ए मोहब्ब्त। With वाच “दर्द ए मोहब्ब्त। ( विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित एवं ओरसरित। )” on YouTube”

💥 एक संकल्प एक योगदान।

मित्रों मेरे जीवन का केवल एकलौता मकसद यही है कि मैं अपने जीवन अनुभवो से उन मासूम बालको को एक उचित दिशा का ज्ञान करवा सकूँ जो आज भी किसी ना किसी नशे की गिरफ्त में फंस कर अपना उज्वल भविष्य अनजाने ही बर्बाद कर रहे है। काव्य शायरी नज़म ग़ज़ल दास्ताने लिखना एवं गानाContinue reading “💥 एक संकल्प एक योगदान।”

🌹 Book A Nazam Dastan’s And Poetry program By Vikrant Rajliwal.

कवि, शायर एवं उपन्यासकार श्री विक्रांत राजलीवाल। Book A Nazam Dastans And Poetry program By Vikrant Rajliwal श्री विक्रांत राजलीवाल के रोमानी स्वरों के साथ उनके द्वारा लिखित उनकी सैकड़ो नज़म, ग़ज़ल, काव्य, कविताएं एवं बहुत सी सदाबहार विस्तृत अत्यधिक दर्दभरी मोहब्ब्त की नज़म दास्तानो के साथ एक कामयाब कार्यक्रम करवाने के लिए, आप आजContinue reading “🌹 Book A Nazam Dastan’s And Poetry program By Vikrant Rajliwal.”

एहसास

हम लिखते है, हम गाते है, हम गीत खुशियों के गुनगुनाते है। साथ पल दो पल का नही, ये एहसास ह्रदय से खनखनाते है।। मौसमो की बारिश नही, ये अश्क़, यादों की एक निशानी है। हर पल एहसासो को अपने संजोए, हर दर्द, हर दास्ताँ, मोहब्ब्त की एक कहानी है।। आज फिर से तेरी यादContinue reading “एहसास”