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🌹 बेगुनाह मोहब्ब्त। (दर्द ए मोहब्ब्त की एक दिलकश दास्ताँ) Republished with Facebook Live Video!

वक़्त की चादर पर जो अब एक गुनाह हो गया। समझा सनम को जो बेवफ़ा तो एक गुनाह हो गया।। दिल को उस के मासूम को एक इल्ज़ाम जो हमनें दे दिया। खुद ही मार कर दिल पर फिर ख़ंजर ख़ूनी जो दिल रो दिया।। जिस्म से बूढ़ा अब अपने जो हो गया हूं। झुर्रियोंContinue reading “🌹 बेगुनाह मोहब्ब्त। (दर्द ए मोहब्ब्त की एक दिलकश दास्ताँ) Republished with Facebook Live Video!”

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🖤 The Reality.

🕊️ Birds knows the principle of this world, the same person is alive here who has also shed his blood to save himself. Who’s mother, who’s father is here? The one who has power is the same mother, the same father is here. There are a lot of bookish things in this wild world, asul,Continue reading “🖤 The Reality.”

🖤 हक़ीक़त।

एक सत्य जो आज भी कही खामोश खड़ा है। /A truth that still stands silent today.

💏 मासूम मोहब्ब्त। (चौथी दर्दभरी दास्ताँ)

नमस्कार प्रिय पाठकों एवं मित्रों, आपके अपने मित्र विक्रांत राजलीवाल (स्वयं) जी के द्वारा लिखित उनकी दर्दभरी नज़म दास्ताँ “मासूम मोहब्ब्त।” का रचना कार्य उन्होंने वर्ष 2015-16 में अपनी प्रकाशित अत्यधिक संवेदनशील काव्य पुस्तक “एहसास” एवं अपनी पूर्व प्रकाशित दास्तानों के साथ ही किया था। “मासूम मोहब्ब्त।” मेरे (विक्रांत राजलीवाल) द्वारा लिखित अब तक किContinue reading “💏 मासूम मोहब्ब्त। (चौथी दर्दभरी दास्ताँ)”

💗 पल पल हर पल। // 💗 Remember Every Moment.

उन्हें गरूर है हुस्न पर अपने आज भी बेहिंतिया, और हम आज भी उनकी राह देखते है बेहिंतिया। उन्हें नाज है खुद के पर्दानशीं होने का आज भी बेहिंतिया, और हम आज भी मदहोश निग़ाहों से उनके घायल है बेहिंतिया।। वो कहते है कि ए दिवाने तू अपनी औकात में रहो, और हम आज भीContinue reading “💗 पल पल हर पल। // 💗 Remember Every Moment.”