मोहब्ब्त।/Love (Mohabbat)

यह मेरी यानी कि आपके अपने विक्रांत राजलीवाल की नई ग़ज़ल है।

एक एहसास-ज़िंदगी।

ज़िंदगी की कसौटियों से रूबरू होती हुई एक ग़ज़ल।

निवास स्थान है पाताल लोक अभी हमारा। (छंद काव्य) विक्रांत राजलीवाल।

निवास स्थान है पाताल लोक अभी हमारा, नाम अज्ञात है पता लापता अभी हमारा। मोह माया है मिथ्या जगत जो समस्त ये अनन्त हमारा, लक्ष्य मोक्ष है साधना तप तपस्या, उद्देश्य जीवन का हमारा।। हर कदम है व्यहू चक्र से पीड़ित अभी हमारा, तूणीर रिक्त है  बाणों से, साथ शत्रु की छाया, कोटनीति छल कपट,Continue reading “निवास स्थान है पाताल लोक अभी हमारा। (छंद काव्य) विक्रांत राजलीवाल।”

रहे आबाद ये दुनिया। (ग़ज़ल) *एक नए शेर के साथ।* With #FacebookLive और YouTube recorded video.

रहे आबाद ये दुनिया। (ग़ज़ल) आज के इस कठिन और जटिल दौर में अपनी पूर्व प्रकाशित एवं अपलोड कविता 💥 भय मुक्त क्रोना से। के बाद अब इस बढे हुए लॉक डाउन के अत्यधिक जटिल समय मे मैंने यानी कि विक्रांत राजलीवाल ने एक और जनजागरूकता से पूर्ण जंजागृक ग़ज़ल रहे आबाद ये दुनिया। (ग़ज़ल)Continue reading “रहे आबाद ये दुनिया। (ग़ज़ल) *एक नए शेर के साथ।* With #FacebookLive और YouTube recorded video.”

🕊️ सफ़र ए जिंदगानी। (🌹ग़ज़ल।) with YouTube video. Vikrant Rajliwal.

🕊️Safar e Zindagi. (🕊️ सफ़र ए जिंदगानी।) ग़ज़ल।  विक्रांत राजलीवाल की कलम से लिखी गई दर्द ए जिंदगानी को बयां करती हुई एक दर्दभरी रोमानी ग़ज़ल है। (YouTube video लिंक नीचे अंकित है।) 🕊️ सफ़र ए जिंदगानी। (🌹ग़ज़ल) टूटते हर ख्वाबों से जिंदा है जो ख्वाब कई , रखा है उनको सलामत हमने कहि ।Continue reading “🕊️ सफ़र ए जिंदगानी। (🌹ग़ज़ल।) with YouTube video. Vikrant Rajliwal.”

🇮🇳 Vikrant Rajliwal (An Indian)

First of all health is healthy, your mental and physical health is your right. Those who will be mentally and physically healthy, only then you will be able to discharge your life duties. I have been feeling extremely mental stress for some time now or for some years, but now there is some relief fromContinue reading “🇮🇳 Vikrant Rajliwal (An Indian)”

भय मुक्त क्रोना से। / Bhay Mukt Crona Se / #FacebookLive #YouTubeVideo.

#FacebookLive Video https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=202197651083157&id=204032090116708?sfnsn=wiwspmo&extid=KQy2lbx9Ujqi0b7Q&d=n&vh=e #YouTubeVideo

भय मुक्त क्रोना से। (विक्रांत राजलीवाल)

आओ करे पालन हम लॉक डाउन का, मात दे संक्रमण क्रोना को, पाए जीवन स्वास्थ्य हम अपना, पालन सावधानियों का हम करे। धोएं हाथ बारम्बार हम अपने, स्वास्थ्य रहे, मस्त रहे, फहराए विजय पताका हम क्रोना पर, योग-ध्यान-प्राणायाम करें।। स्टेटस क्रोना देख कर ना घबराना, दृढ़ संकल्प, स्वास्थ्य दिनचर्या से जीवन मे अपने आगे हमेशाContinue reading “भय मुक्त क्रोना से। (विक्रांत राजलीवाल)”

🌹 शायरी। (विक्रांत राजलीवाल की कलम से।)

💔 ना जिन्हें दिन को है सकूँ साँसों में; ना रातों को है आराम। हम है वो जो रहते है हर लम्हा लेकर धधकती धड़कनों में सुलगता एक  अंगार।। विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित। 🌹 टूटा गुलाब, बिखुड़ी जो पंखुड़ियां; हर जख्म महोब्बत के नासूर हो गए।याद में एक सितमगर कि ए दोस्त; हम जीते जीContinue reading “🌹 शायरी। (विक्रांत राजलीवाल की कलम से।)”

🎻 एक दर्द। (दर्दभरी नज़म) *पुनः प्रकाशित*

नही आती है नींद दीवाने को क्यों आज-कल। भूल गया है रंगीन हर ख़्वाब वो क्यों आज-कल।। हो गया है खुद से ही बेगाना वो क्यों आज-कल। रह गया है तन्हा भरे संसार में वो क्यों आज-कल।। लेता है रुसवा बेदर्द रातो में नाम वो किसका आज-कल। तड़पता है देख हाल ए दीवाना सा वोContinue reading “🎻 एक दर्द। (दर्दभरी नज़म) *पुनः प्रकाशित*”